’जिला स्तरीय कार्यक्रम में सांसद, विधायक, जनप्रतिनिधियां, गणमान्य नागरिकों सहित बड़ी संख्या में शामिल हुए किसान’ , 443 करोड़ 47 लाख 99 हजार रूपये का किया गया भुगतान
किरीट भाई ठक्कर ,गरियाबंद, 12 मार्च 2024/ छत्तीसगढ़ शासन द्वारा कृषक उन्नति योजनान्तर्गत किसानों को खरीफ विपणन वर्ष 2023-24 में 3100 रूपये प्रति क्विंटल की दर से धान का उपार्जन किया गया है। कृषक उन्नति योजना के तहत मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की उपस्थिति में बालोद में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम से राशि का हस्तांतरण किया गया। जिला स्तरीय कार्यक्रम छुरा के सांस्कृतिक भवन में किया गया, जिसमें जिले के 78 हजार 516 किसानों से 48 लाख 36 हजार 204 क्विंटल धान उपार्जन किया गया है। कृषक उन्नति योजना के तहत किसानों को आदान सहायता राशि प्रति एकड़ 19257 रूपये के मान से 443 करोड़ 47 लाख 99 हजार रूपये का भुगतान डीबीटी के माध्यम से मुख्यमंत्री के द्वारा किया गया। कार्यक्रम में कलेक्टर दीपक कुमार अग्रवाल, जनपद अध्यक्ष तोकेश्वरी मांझी, केसरी ध्रुव, रितुराज, शांति नागेश, पुष्पलता सिंह, राजेश साहू सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुये महासमुंद लोकसभा क्षेत्र के सांसद चुन्नीलाल साहू ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने प्रदेशवासियों को जो गारंटी दिया था और यहां के लोगों ने विश्वास किया था, उसे आज पूरा किया है।

राजिम विधायक रोहित साहू ने कहा कि सरकार के गठन के बाद लगातार विकास कार्यों का सौगात दी जा रही है। महतारी वंदन योजना, उज्जवला योजन, आयुष्मान कार्ड, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पात्र हितग्राहियों की स्वीकृति दी गई है। कृषक उन्नति योजना के तहत किसानों को अंतर की राशि का आज हस्तांतरण किया जा रहा है। इसमें किसानों को 3100 रूपये प्रति क्विंटल की दर से धान उपार्जन किया गया। अंतर की राशि का अंतरण किसानों का किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार बनने के इतने कम समय में महतारी वंदन योजना का वायदा पूरा हुआ। इसके लिए मैं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को जितनी बधाई दूँ उतनी कम है। मोदी की गारंटी का मतलब होता है गारंटी पूरी होने की गारंटी।
इस दौरान कृषि विभाग के उप संचालक चंदन राय ने बताया कि कृषक उन्नति योजना से फसल के कास्त लागत में कमी लाकर कृषकों के आय में वृद्धि तथा उनके सामाजिक, आर्थिक स्थिति में सुधार करना है एवं कृषि को लाभ के व्यवसाय के रूप में पुनर्स्थापित करना है। उन्होंने आगे बताया कि जिले के 87 उपार्जन केन्द्रों के माध्यम से 78 हजार 516 किसानों द्वारा 48 लाख 36 हजार 204 क्विंटल धान का विक्रय सहकारी समितियों के माध्यम से किया गया। इनमें गरियाबंद विकासखण्ड के 15 हजार 856 किसानों को 86 करोड़ 76 लाख 48 हजार रूपये, फिंगेश्वर के 29 हजार 230 किसानों को 131 करोड़ 80 लाख 85 हजार रूपये, छुरा के 12 हजार 905 किसानों को 79 करोड़ 46 लाख 32 हजार रूपये, मैरपुर के 13 हजार 478 किसानों को 94 करोड़ 60 लाख 82 हजार रूपये एवं देवभोग विकासखण्ड के 7 हजार 47 किसानों को 50 करोड़ 83 लाख 54 हजार रूपये की आदान सहायता राशि का भुगतान किया गया।




