*शिक्षा विभाग का संभाग स्तरीय समीक्षा बैठक संपन्न, संयुक्त संचालक ने अधिकारियों को दिए आवश्यक निर्देश*

➡️ संयुक्त संचालक ने लिए बैठक, अधिकारियों को दिए आवश्यक निर्देश

राजनांदगांव। संयुक्त संचालक शिक्षा संभाग दुर्ग हेमंत उपाध्याय की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान 2025 के तहत राजनांदगांव, खैरागढ़ छुईखदान गंडई एवं मोहला मानपुर अंबागढ़ चौकी जिलों के जिला शिक्षा अधिकारी, जिला के समस्त सहायक संचालक, सहायक जिला परियोजना अधिकारी, जिला मिशन समन्वयक, विकासखंड शिक्षा अधिकारी, सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी, विकासखंड स्त्रोत समन्वयक ,हाई स्कूल एवं हायर सेकेंडरी स्कूल के प्राचार्य तथा तीनों जिलों के संकुल समन्वयकों की संयुक्त बैठक  पद्मश्री गोविंद राम निर्मलकर ऑडिटोरियम गौरव पथ राजनांदगांव में आयोजित की गई । जिसमें तीनों जिलों के 750 अधिकारी कर्मचारी उपस्थित हुए ।

उक्त बैठक में संयुक्त संचालक शिक्षा संभाग दुर्ग ने अपने उद्बोधन में कहा कि “बाल देवो भव:” केवल एक नारा ही नहीं है, बल्कि यह शिक्षा विभाग की संकल्पना है। बच्चों की मुस्कान और उनकी जिज्ञासा को संरक्षित करना ही हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। बच्चे ईश्वर का स्वरूप है, उनके उज्जवल भविष्य में ही समाज और राष्ट्र का भविष्य निहित है ।यदि हम उन्हें उत्तम शिक्षा, संस्कार और सुरक्षित वातावरण देंगे तो वह एक सशक्त भारत का निर्माण करेंगे। बच्चों में देवता का वास होता है इस भावना को आत्मसात करते हुए दुर्ग संभाग को श्रेष्ठ बनाने हेतु केंद्र बिंदु के रूप में रखा गया है।

जिला शिक्षा अधिकारी एवं अन्य अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि “बाल देवो भव:”  सूक्ति वाक्य प्रत्येक शाला में ऐसे स्थान पर अंकित करायें जो सभी के लिए पठनीय हो। इसके लिए 18 सितंबर 2025 की अंतिम तिथि तय की गई है। उक्त अवधि के अंदर प्रत्येक विद्यालय में “बाल देवो देव भव:”  सूत्र वाक्य के रूप में अंकित किया जाएगा तथा सभी अधिकारी अपने-अपने आसन के समक्ष “लक्ष्य एक दुर्ग संभाग श्रेष्ठ” लिखेंगे जिसकी अंतिम तिथि 18 सितंबर 2025 होगी।शिक्षक एवं अधिकारी गण “बाल देवो भव:”  के अनुरूप रणनीति बनाकर अध्यापन के कार्य को ईश्वरोंपासना की तरह चरितार्थ करेंगे।

“लक्ष्य एक – दुर्ग संभाग श्रेष्ठ”
“लक्ष्य एक दुर्ग संभाग श्रेष्ठ शिक्षा विभाग की एक नई पहल है, इस पहल का उद्देश्य शिक्षा के गुणवत्ता में निरंतर सुधार करते हुए दुर्ग संभाग को राज्य में उत्कृष्टता के आदर्श के रूप में स्थापित करना है।  संयुक्त संचालक ने कहा कि प्रत्येक शिक्षक और प्रत्येक विद्यार्थी को इस दिशा में मिलकर कार्य करना होगा। हमारा उद्देश्य यह है कि दुर्ग संभाग शैक्षिक उत्कृष्टता की दिशा में राज्य में एक मिसाल बने। इस हेतु नियमित मॉनिटरिंग समीक्षा बैठकें और नवाचारों को बढ़ावा दिया जाएगा, ताकि “लक्ष्य एक- दुर्ग संभाग श्रेष्ठ” अभियान के लक्ष्य को समयबद्ध तरीके से प्राप्त किया जा सके l

“विद्यालय का प्रबंधन और प्रशासन”
सुदृढ़ प्रबंधन और प्रभावी प्रशासन से शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा विद्यालय के प्रशासनिक कार्यों का संचालन,  समयबद्ध परीक्षा आयोजन शिक्षक छात्र संबंधों का विकास और विद्यालय की अन्य महत्वपूर्ण  गतिविधियों का प्रबंधन प्राचार्य की जिम्मेदारी होगी। प्राचार्य को अभिभावकों और स्थानीय लोगों के साथ निरंतर संपर्क बनाए रखना होगा इस प्रक्रिया से विद्यालय की गतिविधियों में सुधार संभव होगा और अभिभावकों का विश्वास बढ़ेगा । विद्यालय में प्रार्थना सभा का आयोजन रोचक एवं ज्ञानवर्धक होना चाहिए इस हेतु समस्त संस्था प्रमुखों को निर्देशित किया गया। संस्था प्रमुख अब शैक्षिक दैनंदिनी का नियमित संधारण एवं उसमें अपने द्वारा अध्यापित कार्य और शिक्षकों के अध्यापन कार्य का निरीक्षण तथा अधीनस्थ संस्थाओं के निरीक्षण व  मॉनिटरिंग की प्रविष्टि की जायेगी।

“मॉनिटरिंग के प्रमुख बिंदु”
प्रत्येक विद्यालय का नियमित निरीक्षण संकुल समन्वय, विकासखंड शिक्षा अधिकारी एवं जिला शिक्षा अधिकारी के द्वारा प्रत्येक सप्ताह न्यूनतम तीन दिवस न्यूनतम 02-02 विद्यालयों का निरीक्षण किया जाएगा। शिक्षकों की उपस्थिति, उनकी तैयारी और कक्षा का संचालन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। विद्यार्थियों की उपस्थिति, पढ़ाई में उनकी रुचि और सहभागिता की समीक्षा की जाएगी। विद्यालय परिसर की स्वच्छता, मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता और शिक्षण सामग्री की उपलब्धता की जांच की जाएगी ।

कमजोर विद्यालयों के लिए विशेष कक्षाएं तथा अतिरिक्त सहयोग एवं परामर्श दिया जाएगा। प्रत्येक विद्यालय में प्राचार्य यह सुनिश्चित करेंगे कि पढ़ाई में कोई लापरवाही ना हो, जिसमें संकुल समन्वयक द्वारा विद्यार्थी की उपस्थिति का मूल्यांकन, संकुल समन्वयक को विद्यार्थी के बीच जाकर उनके उपस्थिति रजिस्टर का अवलोकन करेंगे ।विद्यालय के प्रार्थना सभा में उपस्थित होकर उनका निरीक्षण कर प्रतिवेदन एवं अपने शाला में किए गए अध्यापन कार्य का प्रतिवेदन साथ ही अधीनस्थ दो विद्यालयों के अवलोकन प्रतिवेदन प्रति दिवस सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी के नियंत्रण में बने हुए व्हाट्सएप ग्रुप में प्रेषित करेंगे ।प्रत्येक सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी अपने अधीनस्थ संकुलों से प्राप्त प्रतिवेदन का परीक्षण कर ग्रेडिंग देंगे ।

इस प्रकार संकुल समन्वयकों के कार्यों की ग्रेडिंग की जाएगी एवं प्रत्येक पाक्षिक प्रतिवेदन विकासखंड शिक्षा अधिकारी को प्रस्तुत किया जाएगा, जिसके आधार पर विकासखंड में आवश्यक कार्रवाई प्रस्तावित की जाएगी। इसी प्रकार समस्त विकासखंड शिक्षा अधिकारी, सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी, विकासखंड स्त्रोत समन्वयक, जिला मिशन समन्वयक,सहायक जिला परियोजना अधिकारी, अपने द्वारा किए गए निरीक्षण का प्रतिवेदन जिले के सहायक संचालक के द्वारा बनाए हुए व्हाट्सएप ग्रुप में प्रेषित करेंगे और उनके निरीक्षकों का भी ग्रीटिंग जिला स्तर से किया जाएगा इसी प्रकार जिला स्तर के जिला शिक्षा अधिकारी, सहायक संचालक आदि के द्वारा किए गए निरीक्षकों का प्रतिवेदन जिले के सहायक संचालक के द्वारा बनाए हुए व्हाट्सएप  ग्रुप में प्रेषित करेंगे और उनके निरीक्षकों का भी ग्रेडिंग जिला स्तर से किया जाएगा इसी प्रकार जिला स्तर के जिला शिक्षा अधिकारी, सहायक संचालक आदि के द्वारा किए गए निरीक्षणों का प्रतिवेदन संभागीय सहायक संचालक के द्वारा बनाए गए व्हाट्सएप ग्रुप में प्रेषित किया जाएगा, जिसकी ग्रेडिंग संभाग स्तर से की जाएगी। जिस प्रतिवेदन की ग्रेडिंग कमजोर होगी अर्थात डी ग्रेट का होगा उन्हें सुधार करने हेतु निर्देशित किया जाएगा । सघन और सतत मॉनिटरिंग के द्वारा शिक्षा गुणवत्ता के उच्च मापदंडों को प्राप्त कर “दुर्ग संभाग श्रेष्ठ संभाग” की उक्ति को चरितार्थ किया जाएगा। समस्त प्राचार्य एवं आहरण संवितरण अधिकारी को अधीनस्थ शिक्षकों के स्वत्वों का भुगतान त्वरित किए जाने का निर्देश दिया गया ।

राजनांदगांव से दीपक साहू की रिपोर्ट

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