* केंद्रीय गोंड महासभा धमधागढ़ में विवाद, पूर्व अध्यक्ष एम डी ठाकुर के बयान का पदाधिकारियों ने किया खंडन,वर्तमान अध्यक्ष कमलेश सोरी को बताया वैध…
* कलेक्ट्रेट घेराव से महासभा का संबंध नहीं? संगठन में बयानबाजी से बढ़ा विवाद, “एम.डी. ठाकुर अध्यक्ष नहीं” – गोंड महासभा ने बताया दावा भ्रामक…
दुर्ग : केंद्रीय गोंड महासभा धमधागढ़ के नाम को लेकर विवाद गहराता नजर आ रहा है। महासभा के वर्तमान पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर पूर्व अध्यक्ष एम.डी. ठाकुर के उस बयान का कड़ा खंडन किया है, जिसमें श्री ठाकुर ने (7 मई 2026) को प्रस्तावित कलेक्ट्रेट घेराव एवं प्रदर्शन से महासभा का कोई संबंध नहीं होने की बात कही थी।
वहीं पदाधिकारियों का आरोप है कि एम.डी. ठाकुर द्वारा महासभा के नाम एवं पंजीयन क्रमांक-332 का दुरुपयोग कर समाज में भ्रम फैलाया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि 3 मई 2026 को प्रकाशित एक समाचार में एम.डी. ठाकुर को “केंद्रीय गोंड महासभा धमधागढ़ का अध्यक्ष” बताया गया, जो पूरी तरह भ्रामक एवं असत्य है।
धमधागढ़ आदिवासी गोड़ महासभा के अनुसार वर्तमान में संगठन के “वैध अध्यक्ष श्री कमलेश सोरी” हैं, जिन्हें समाज का पूर्ण समर्थन प्राप्त है। पदाधिकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि 17 फरवरी 2026 को कथित रूप से कराया गया चुनाव बिना सार्वजनिक सूचना, पारंपरिक प्रक्रिया और समाज की सहमति के गुप्त रूप से संपन्न हुआ, जो पूर्णतः अवैध है।

संगीता सोरी सहित पदाधिकारियों ने बताया कि इस प्रक्रिया को फर्म एवं सोसायटी विभाग द्वारा अमान्य घोषित किया जा चुका है। साथ ही संबंधित पक्ष पर विभाग को गुमराह करने का भी आरोप लगाया गया है, जिसे गंभीर विषय बताया गया।
महासभा के उपाध्यक्ष श्री यशपाल मांडवी, श्रीमती संगीता सोरी अध्यक्ष, श्रीमती शैलेंद्री मंडवी अध्यक्ष, युवा प्रभाग अध्यक्ष डिपेश मडावी सहित अन्य पदाधिकारियों एवं समाज के सदस्यों ने समर्थन जताते हुए यह मांग की है कि भ्रामक समाचार का तत्काल खंडन प्रकाशित किया जाए, ताकि समाज में फैल रही गलत जानकारी को रोका जा सके। अन्यथा कानूनी कार्यवाही की चेतावनी दी गई है।




