Cg24News-R :- ग्रामीण क्षेत्रों सहित पूरे प्रदेश में शराब की लत एक गम्भीर स्वास्थ्य समस्या बनती जा रही है। राष्ट्रीय स्ट्रोक रजिस्ट्री की रिपोर्ट के अनुसार भारत मे स्ट्रोक का हर 7 में से 1 मरीज 45 साल से कम उम्र का है, जो युवाओं के स्वस्थ भविष्य के लिए चिन्तनीय है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार हाई बीपी, तम्बाकू सेवन, धूम्रपान, शराब आदि स्ट्रोक के मूल कारणों में से है। हाईबीपी, डायबीटीज और तम्बाकू सेवन बड़े कारण हैं जिसकी वजह से यह बीमारी युवाओं को अपना निशाना बना रही हैं। मौजूदा परिवेश में युवाओं में नशे की लत जानलेवा साबित हो रही है। अस्पतालों में लिवर फेल्योर, ब्रेन हेमरेज और हार्ट अटैक जैसे मामलों में अप्रत्याशित वृद्धि देखी गई है। इन गम्भीर बीमारियों की मुख्य वजह शराब का सेवन है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार थोड़ी सी मात्रा भी शराब का सेवन जोखिम पूर्ण है, जिससे कैंसर व दिल की बीमारियों हो सकती हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार पिछले पांच वर्षों में अल्कोहालिक मरीजों की संख्या दो गुनी से अधिक हो गई है। सिर्फ अल्कोहालिक मरीजों की संख्या जनमानस को झकझोरने वाली है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार शराब से लिवर फेल्योर, ब्रस्ट कैंसर, ब्रेन हेमरेज, हार्ट अटैक, ब्रेन स्ट्रोक, फैटी लिवर आदि गम्भीर बीमारियां होती हैं। फैटी लिवर से बचने के लिए डाक्टरों ने जंक फूड व मोबाइल से दूर रहने की सलाह दी है। शराब का सेवन शरीर के लगभग हर अंग को नुकसान पहुंचाता है जिससे लिवर सिरोसिस, हृदय रोग, उच्च रक्तचाप, कैंसर( ब्रस्ट, लिवर, मुँह) व मानसिक समस्याएं पैदा कर सकती हैं। युवाओं का इस तरह नशे की गिरफ्त में आना व कई गम्भीर रोगों का शिकार होना परिवारिक क्षति है। यह स्थिति न सिर्फ मानव संसाधन को प्रभावित करता है बल्कि यह राष्ट्रीय क्षति जैसा है, जिसके सुधार के लिए सरकार व समाज को सकारात्मक कदम उठाया जाना चाहिए। एल्कोहालिक मरीजों की बढ़ती संख्या व कम उम्र में ही कई गम्भीर रोगों के शिकार होते जा रहे युवाओं को देख कर भावी परिवार व समाज का स्वरूप कितना भयावह होगा, इसकी कल्पना की जा सकती है। परिवार व समाज में शांति, किशोरों व युवाओं के स्वास्थ्य व सुरक्षित भविष्य को ध्यान में रखते हुए आय का अन्य जरिया अपनाते हुए शराब से होने वाली आय की चिंता छोड़ सरकार को शराब का प्रसार रोकने की कोशिश जरुर करनी चाहिए। जिससे लोगों के स्वस्थ भविष्य को सुनिश्चित किया जा सके।