सामान्य प्रशासन की बैठक का बहिष्कार, गंभीर आरोप लगाये
गरियाबंद / छुरा। जनपद पंचायत छुरा में सामान्य प्रशासन समिति की बैठक के दौरान प्रभारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) सतीश चन्द्रवंशी की कार्यप्रणाली से नाराज जनपद पंचायत उपाध्यक्ष कुलेश्वर सोनवानी एवं सभापतियों ने बैठक का बहिष्कार कर दिया।

उपाध्यक्ष एवं सभापतियों ने मीडिया को बताया कि बीते लगभग दस महीनों में जनपद पंचायत की बैठकों में पारित हुये किसी भी प्रस्ताव पर प्रभारी सीईओ द्वारा आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
उन्होंने आरोप लगाया कि जनपद पंचायत की बैठकों में सदस्यों को दी जाने वाली लिखित जानकारी में सीईओ के हस्ताक्षर तक नहीं होते, जिससे प्रशासनिक लापरवाही स्पष्ट झलकती है।
जनप्रतिनिधियों का कहना है कि प्रभारी सीईओ त्रि-स्तरीय पंचायती राज व्यवस्था के अंतर्गत जनपद सदस्यों द्वारा दिए गये आवेदनों पर विचार नहीं कर रहे हैं। उनके कार्यकाल में जनपद पंचायत छुरा कथित तौर पर भ्रष्टाचार का अड्डा बन गई है, जहां फर्जी बिल-वाउचर के माध्यम से लाखों रुपये का आहरण किया गया है। वाहन व्यय के नाम पर भी फर्जी भुगतान किए जाने के आरोप लगाये गये।
इसके साथ ही जनप्रतिनिधियों ने यह भी आरोप लगाया कि छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय द्वारा जिनकी नियुक्ति निरस्त की जा चुकी थी, उन्हें कुछ समय के लिए सेवा मुक्त कर पुनः कार्य पर रखा गया, जो न्यायालय के आदेश की अवहेलना है।
उपाध्यक्ष एवं सभापतियों ने चेतावनी देते हुये कहा कि यदि प्रभारी सीईओ सतीष चन्द्रवंशी को तत्काल नहीं हटाया गया तो वह जनपद पंचायत की व्यवस्था को पूरी तरह खोखला कर देंगे।
उन्होंने शासन-प्रशासन से मामले का संज्ञान लेकर त्वरित कार्रवाई की मांग की है।
जनपद पंचायत के जनप्रतिनिधियों ने यह भी कहा कि प्रभारी सीईओ द्वारा भाजपा से जुड़े जनपद सदस्यों को लगातार परेशान किया जा रहा है। सभी जनपद सदस्य शीघ्र ही मुख्यमंत्री एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष से मुलाकात कर प्रभारी सीईओ एवं जिला प्रशासन की कथित निरंकुशता का मुद्दा प्रमुखता से उठाएंगे।
जनप्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि आवश्यकता पड़ने पर सरपंचों के समर्थन से धरना-प्रदर्शन भी किया जायेगा।




