ड्यूटी दौरान अपने निजी क्लिनिक में करते है मरीजों का इलाज,सरकारी गाड़ी में पहुंचा निजी अस्पताल

शशिकांत सनसनी ब्यूरो चीफ़ छत्तीसगढ़

राजधानी रायपुर से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां जिला मलेरिया अधिकारी एवं जन सूचना अधिकारी डॉ. विमल किशोर राय पर ड्यूटी समय में सरकारी अस्पताल छोड़कर अपने निजी क्लिनिक शास्त्री बाजार में मरीजों का इलाज करने के आरोप लगे हैं।
मामले पर जिला स्वास्थ्य अधिकारी ने जांच के बाद कार्रवाई की बात कही है।

प्रदेश सरकार आम जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के लिए सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की नियुक्ति करती है। डॉक्टरों को लाखों रुपये वेतन के साथ सरकारी वाहन की सुविधा भी दी जाती है, ताकि वे समय पर आम नागरिकों को स्वास्थ्य सेवाएं दे सकें।
सरकार समय-समय पर स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से भी आम जनता को मुफ्त इलाज उपलब्ध कराती है।
लेकिन कुछ डॉक्टर ऐसे भी हैं, जो सरकारी अस्पताल में पदस्थ रहते हुए ड्यूटी के दौरान अपने निजी क्लिनिक में मरीज देखकर मोटी रकम वसूलते हैं।
ऐसा ही एक मामला राजधानी रायपुर से सामने आया है।

जानकारी के मुताबिक, डॉ. विमल किशोर राय, जो जिला स्वास्थ्य विभाग में मलेरिया अधिकारी एवं जन सूचना अधिकारी के पद पर कार्यरत हैं, उनके खिलाफ शिकायतें सामने आई हैं कि जिस समय उन्हें सरकारी अस्पताल, मलेरिया विभाग या जिला स्वास्थ्य कार्यालय में मौजूद रहना चाहिए, बोर्ड में लिखा है कि सुबह परामर्श और मिलने का समय शाम 5 से रात्रि 8 बजे लिखा है परन्तु डॉक्टर विमल किशोर राय अपने मलेरिया विभाग या जिला स्वास्थ्य विभाग में नहीं रहते और ड्यूटी दौरान वे सुबह करीब 10 बजे से अपने निजी क्लिनिक शास्त्री बाजार में बैठकर मरीजों का इलाज करते हैं।
आरोप है कि डॉक्टर मरीजों को अपने निजी क्लिनिक में परामर्श देकर नीचे स्थित मेडिकल दुकान के नाम से दवाइयों की पर्ची लिखते हैं, जिससे मरीज वहीं से दवाइयां खरीदने को मजबूर होते हैं।

इतना ही नहीं, बताया जा रहा है कि डॉक्टर विमल किशोर राय अपने निजी क्लिनिक तक आने-जाने के लिए सरकारी गाड़ी का उपयोग करते हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह नजारा अक्सर देखने को मिलता है।
सरकारी वेतन लेने के बावजूद इस तरह निजी क्लिनिक चलाकर इलाज करना न सिर्फ शासकीय नियमों का उल्लंघन है, बल्कि आम जनता के साथ भी अन्याय है।
फाइनल वीओ
इस पूरे मामले को लेकर जब जिला स्वास्थ्य अधिकारी मिथलेश चौधरी से बात की गई, तो उन्होंने साफ तौर पर कहा कि यदि कोई डॉक्टर ड्यूटी समय में अपने निजी क्लिनिक में मरीजों का इलाज करता है या सरकारी संसाधनों का निजी उपयोग करता है, तो यह गंभीर मामला है।
उन्होंने कहा कि शिकायत मिलने पर पूरे प्रकरण की जांच कर नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

बाइट 1_ मिथलेश चौधरी , जिला स्वास्थ्य अधिकारी रायपुर

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