कोंडागांव : जिले में सहायक शिक्षक से प्रधान पाठक की पदोन्नति मामले में हुई लिपिकों पर कार्रवाई के बाद अब लिपिक संघ व प्रशासन आमने-सामने आ गया है। शुक्रवार की दोपहर प्रदेश लिपिक वर्गीय कर्मचारी संघ छत्तीसगढ़ जिला इकाई की बैठक हुई। जिसमें सहायक शिक्षक से प्रधान पाठक पद पर पदोन्नति मामले में जांच समिति की रिपोर्ट सार्वजनिक करने एवं लिपिक वर्गीय कर्मचारियों पर एकतरफा निलंबन की कार्यवाही को लेकर संघ से जुड़े सदस्यों ने अपनी नाराजगी जाहिर किया है।
बैठक में निम्न बिंदुओं पर चर्चा किया गया। जिसमे, संबंधित लिपिको को निलंबित किए जाने से पूर्व सक्षम अधिकारी द्वारा स्पष्टीकरण क्यो नही लिया गया एकतरफा कार्यवाही क्यो की गई, लिपिक उच्च अधिकारियों के निर्देशों अनुसार ही कार्य का निर्वहन करते हैं स्थापना में अनियमितता के संबंध में डीईओ एवं विभागीय पदोन्नति समिति के समक्ष वरिष्ठता सूची प्रस्तुत किया गया था तो कार्यवाही केवल लिपिकों पर ही क्यों यह उचित नहीं है।
संघ ने यह निर्णय लिया है कि, जिला शिक्षा अधिकारी सहित समिति के सभी सदस्यों के निलंबन कार्रवाई किया जाए या नहीं तो निलंबित किए गए लिपिकों को बहाल करें, यदि समय रहते उचित निर्णय नहीं लिया जाता है तो संगठन 24 नवंबर से कलमबंद आंदोलन करने को बाध्य होगा। जिसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी। इस मामले को लेकर संघ सीईओ जिप. व जांच समिति अध्यक्ष से मिलकर अपनी बात रखी है। बैठक के दौरान जिला अध्यक्ष राजकुमार मंडावी, संभागीय अध्यक्ष पीएस राणा, प्रदेश महामंत्री जितेंद्र सिंह, जिला सचिव सतीश कुमार, प्रदेश सचिव जगनबती सोरी, गजेंद्र नेताम सहित बड़ी संख्या में संगठन से जुड़े सदस्य व पदाधिकारी मौजूद रहे।




