✍️जिला संवाददाता विक्रम कुमार नागेश की रिपोर्ट गरियाबंद
गरियाबंद:-छत्तीसगढ़ अधिकारी कर्मचारी फेडरेशन के तत्वाधान में गत 22 अगस्त से आयोजित अनिश्चितकालीन आंदोलन में प्रदेशभर के लगभग 90 कर्मचारी संगठनों के अधिकारी कर्मचारीयों के हड़ताल में शामिल होने का दावा किया जा रहा है!और इसका असर 22 अगस्त से देखने को मिला है!लेकिन वहीं दूसरी तरफ देखने को मिल रहा है। कि गरियाबंद जिले के छत्तीसगढ़ टीचर एशोसिएशन संघ,लिपिक संघ के अलावा छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक फेडरेशन के ब्लॉक इकाई गरियाबंद,फिंगेश्वर,मैनपुर और देवभोग के सैकड़ों सहायक शिक्षक एवं शिक्षक एल.बी. संवर्ग हड़ताल में शामिल नही हुए हैं। जिसके कारण पहले ही दिन से स्कूलों का संचालन सुचारू रूप से संचालित हो रहा है।
डीए.और एच.आर उनका अधिकार है,जिसे राज्य सरकार को एक ना एक दिन देना ही पडे़गा : इस सबंध में ‘छत्तीसगढ़ 24 न्यूज़’ के हमारी टीम ने जिलेभर के सहायक शिक्षकों के संबंध में विस्तृत जानकारी प्राप्त कर पता किया तो उनका साफ साफ कहना है कि डीए.और एच.आर उनका अधिकार है,जिसे राज्य सरकार को एक ना एक दिन देना ही पडे़गा। क्योंकि केन्द्र सरकार ने पहले ही राशि स्वीकृत कर दिया है!सहायक शिक्षकों से हड़ताल में नही जाने के एक और कारण का पता चला कि अधिकारी कर्मचारी फेडरेशन ने उनके वेतन विसंगति संबंधी मांगों को अपने मांग पत्र में शामिल नही किया। जिसके कारण भी आक्रोश है। इतना ही नही बल्कि जिले के सहायक शिक्षकों ने स्पष्ट निर्णय लिया है कि वे सिर्फ और सिर्फ अपनी प्रमुख मांग वेतन विसंगति दूर करने के लिए ही आगामी समय में एक ठोस रणनीति के तहत आंदोलन में शामिल होंगे!सहायक शिक्षकों ने प्रांतीय नेतृत्व को संदेश देते हुए कहा है कि वे अपनी मूल मांगों से ना भटकें।
जिले के सभी स्कूलों का संचालन शिक्षक संवर्ग द्वारा 22 अगस्त से निरंतर : इसी तरह जिले के छत्तीसगढ़ टीचर एसोसिएशन के शिक्षक संवर्ग का भी यही कहना है कि वे अपनी मूल मांगों को लेकर आंदोलन कि अलग से रणनीति बनाकर ही हड़ताल करेगें। और लिपिक संवर्ग ने मुख्यमंत्री के मुलाकात के बाद पहले से ही इस आंदोलन से किनारा कर लिया था!इस प्रकार “छत्तीसगढ़ 24 न्यूज़” के हमारी टीम के द्वारा एक विशेष सर्वे के आधार पर नही कहा जा सकता है कि गरियाबंद जिले में अधिकारी कर्मचारी फेडरेशन के अनिश्चित कालीन आंदोलन के कारण जिलेभर के सभी दफ्तरों,स्कूलों में पूर्ण तालाबंदी हुआ है। विशेष तौर पर जिले के सभी स्कूलों का संचालन शिक्षक संवर्ग द्वारा 22 अगस्त से निरंतर किया जा रहा है. जिससे कि जिलेभर के स्कूलों में अध्ययन-अध्यापन का कार्य चल रहा है।




