जीवन में एक लक्ष्य का निर्धारण कर आगे बढ़ने की दिशा तय करने के लिए “समय प्रबंधन अध्ययन एवं लक्ष्य निर्धारण” विषय पर एक वेबीनार का आयोजन किया गया।

*शीर्षक- समय प्रबंधन अध्ययन एवं लक्ष्य निर्धारण**

डॉ .खूबचंद बघेल शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय भिलाई 3 एवं स्वर्गीय बिंदेश्वरी बघेल शासकीय महाविद्यालय कुम्हारी के संयुक्त तत्वाधान में छात्र हित में उनकी आगामी परीक्षाओं को ध्यान में रखते हुए एवं जीवन में एक लक्ष्य का निर्धारण कर आगे बढ़ने की दिशा तय करने के लिए “समय प्रबंधन अध्ययन एवं लक्ष्य निर्धारण” विषय पर एक वेबीनार का आयोजन किया गया।

 

वेबीनार के उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता करते हुए दोनों ही महाविद्यालयों की संयुक्त प्राचार्य प्रोफेसर डॉ अमृता कस्तूरे ने इस आयोजन के लक्ष्य के बारे में संकेत करते हुए कहा कि तेजी से बढ़ती हुई दुनिया ने लोगों के सामने एक साथ ढेर सारे विकल्प एवं उनके चयन की दुविधा उत्पन्न कर दी है ।

छात्रों के सामने आने वाली चुनौतियां उनके लक्ष्य निर्धारण में बाधक बनती जा रही हैं। इसके लिए हमें किसी धर्म प्रचारक की नहीं बल्कि मनोविश्लेषण सलाहकार की आवश्यकता है ,ताकि छात्र तनावमुक्त होकर चुनौतियों का सामना करते हुए अपना लक्ष्य तय कर सके।

 

इस अवसर पर विश्वेश्वरैया राष्ट्रीय तकनीकी संस्थान नागपुर की मनो सलाहकार डॉ. सुमित्रा चटर्जी ने बहुत ही उपयोगी व्याख्यान दिया उन्होंने छात्रों को बताया कि कैसे समय का विभाजन किया जाना चाहिए एवं जिस तरीके से हम जीवन में पैसों का मैनेजमेंट करते हैं वैसे ही समय का मैनेजमेंट करना चाहिए ।समय का समुचित उपयोग ही सफलता की कुंजी है।

उन्होंने छात्रों को चेतावनी देते हुए बताया कि सोशल मीडिया का अनावश्यक उपयोग ना केवल उनके समय को नष्ट करता है ,बल्कि उनकी ऊर्जा को भी समाप्त करता है ।समय प्रबंधन के *4s* सिंड्रोम की चर्चा करते हुए उन्होंने देर रात को सोना ,सुबह का नाश्ता को मिस करना, बीमारियों से ग्रस्त होना एवं ज्ञान के क्षेत्र में पिछड़ जाने को चार महत्वपूर्ण कमियों के रूप में रेखांकित किया ।

एकाग्रता पर बल देते हुए उन्होंने छात्रों को सलाह दी कि उन्हें लंबे समय और छोटे समय के लिए अलग-अलग लक्ष्य निर्धारित करने चाहिए और उस दिशा में कठोर इच्छाशक्ति के साथ आगे बढ़ना चाहिए उन्होंने कहा कि उन्हें भरपेट भोजन की जगह एनर्जी भोजन पर बल देना चाहिए। अध्ययन के उपरांत किए जाने वाले मनन को उन्होंने तैयारी का महत्वपूर्ण हिस्सा माना।

उन्होंने कहा कि असफल होना कोई अपराध नहीं है, अतः उस से मायूस हुए बगैर कठिन मेहनत और लक्ष्य ऊंचा करने की आकांक्षा पालनी चाहिए। अध्ययन सिर्फ नौकरी प्राप्त करने के लिए नहीं बल्कि ज्ञान के विकास के
लिए किया जाना चाहिए।

 

वेबीनार के इस सेशन में विद्यार्थी भी जुड़े। खिलेश्वरी ,रितु कमलेशिया, दिनेश, आशीष , मोनू वर्मा ने अपने कुछ सवाल डॉ. सुमित्रा चटर्जी के समक्ष रखें, जिसका उन्होंने बहुत ही सुंदर तरीके से उत्तर दिया एवं उनकी समस्याओं का समाधान किया। तकनीकी सहायता प्रोफेसर डी.आर. श्रीवास्तव एवं खोमनलाल ने की।

 

कार्यक्रम का संचालन कुम्हारी महाविद्यालय की प्राध्यापक श्रीमती कल्पना पांडे ने किया एवं आभार प्रदर्शन डॉ.मनीष कालरा एवं डॉ.विनोद शर्मा ने किया।

KARAN SAHU
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करन साहू कार्यक्षेत्र - पाटन ( छ.ग. ) "छत्तीसगढ़ 24 न्यूज़"
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