✍️जिला संवाददाता विक्रम कुमार नागेश की रिपोर्ट गरियाबंद
गरियाबंद-जिला छुरा लॉक के अंतर्गत प्रसिद्ध धार्मिक एव पर्यटन स्थल घटारानी और जतमई धाम में शारदीय नवरात्र में आस्था की ज्योति से माता का दरबार जगमगा उठा है। भक्तो द्वारा हजारों की संख्या में मनोकामना ज्योत प्रज्जविलत किए है। माता की प्रति लोगों की अटूट आस्था है। जिसके चलते नवरात्र मे माता के दर्शन करने श्रद्धालुओ की भीड़ उमड़ पड़ी है।
छतीसगढ में प्रसिद्ध धार्मिक और पर्यटन स्थल के रूप उभर चुके माता घटारानी का धाम छत्तीसगढ राज्य के गरियाबंद जिले के पद्मावती कमल क्षेत्र, प्रयागराज राजिम से 30 किलोमीटर की दूरी पर छुरा ब्लॉक के ग्राम पंचायत फुलझर के घने जंगलों पर पहाड़ी पर स्थित है। कल-कल करती झरने, कलरव करते पक्षियां और हरी भरी वादियों और यहा का विहंगम और मनोरम दृश्य बरबस ही लोगो को अपनी ओर आकर्षित करती है। माता का दरबार प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण है। यही वजह है की राज्य सहित दूसरे प्रदेश के लोग हजारों की संख्या में लोग माता के दर्शन करने पहुंचते है।
घटारानी माता का दरबार राजधानी रायपुर से 75 किलोमीटर, गरियाबंद से 45, धमतरी से 80 किलोमीटर और महासमुंद से 45 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है । घटारानी धाम से जतमाई धाम 10 किलोमिटर की दूरी पर पहाड़ी के ऊपर स्थित है। अगर आप भी इस पर्यटन स्थल में आना चाहते है तो बेहतर विकल्प है। घटारानी और जतमई धाम का रास्ता अंधे मोड़ो से भरा हुआ है। वाहन धीरे और सावधानी पूर्वक चलाए, शराब पीकर कर वाहन न चलाए। नही तो आप दुर्घटना का शिकार हो सकते है।
नौ दिन तक विशाल भंडारे का आयोजन
जय मां घटारानी विकास समिति और आम लोगो के सहयोग से घटारानी धाम में नौ दिनों तक विशाल भंडारे का आयोजन प्रति वर्ष किया जाता है और इस नवरात्र में भी किया गया है। जिसमे आस पास के गांव फुलझर, जमाही, पंक्तियां, जुनवानी छुईहा, जुनवानी, कनेसर, केडि आमा के ग्रामीण भंडारे में विशेष सहयोग कर रहे है । घटारानी समिति के सभी पदाधिकारी श्रद्धालुओ और माता की सेवा में अपना अमूल्य समय प्रदान कर रहे है।




