ना बीमा, ना पेंशन – बस टेंशन!
संविदा शोषण के खिलाफ एनएचएम कर्मचारियों का आंदोलन जारी।
आज हड़ताल के छठवें दिन एनएचएम कर्मचारियों ने मुंडन कर विरोध जताया और संविदा प्रथा का पुतला दहन किया।

क्या है मामला?
छत्तीसगढ़ में 16,000 से अधिक एनएचएम कर्मचारी अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं।
मुख्य मांगें –
नियमितीकरण,ग्रेड पे,पब्लिक हेल्थ कैडर की स्थापना,लंबित 27% वेतनवृद्धि
कर्मचारियों का कहना है कि मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री और वरिष्ठ अधिकारियों से बार-बार चर्चा के बावजूद कोई ठोस आदेश जारी नहीं किया गया।

हड़ताल का असर
मरीजों को दवाइयाँ उपलब्ध नहीं
नवजात वार्ड व पोषण आहार केंद्र बंद
शुगर, ब्लड टेस्ट, ट्रूनाट, सीबीनाट, नेत्र जांच ठप,स्कूल व आंगनबाड़ी स्वास्थ्य परीक्षण पूरी तरह बंद,टीकाकरण व संस्थागत प्रसव सुविधा ठप,टीबी, मलेरिया, कुष्ठ जैसी बीमारियों के मरीजों को इलाज नहीं
ऑनलाइन स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह बाधित
ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के उप स्वास्थ्य केंद्र, पीएचसी और कई अस्पताल अव्यवस्था की स्थिति में हैं, कई जगहों पर पूरा बंद।
कर्मचारी संघ का अल्टीमेटम
यदि जल्द सरकार ने कोई ठोस निर्णय नहीं लिया, तो आंदोलन होगा और भी उग्र। जिम्मेदारी पूरी तरह से शासन की होगी।




