मानवता की मिसाल: बैकुंठपुर में गौवंश के लिए 125 जल पात्रों की व्यवस्था

मानवता की मिसाल: बैकुंठपुर में गौवंश के लिए 125 जल पात्रों की व्यवस्था

बैकुंठपुर | नई पहल न्यूज नेटवर्क “परहित सरिस धर्म नहिं भाई…” अर्थात दूसरों की भलाई के समान कोई धर्म नहीं है। इसी मूलमंत्र को सार्थक करते हुए बैकुंठपुर के युवाओं और प्रबुद्ध नागरिकों ने भीषण गर्मी के दस्तक देते ही बेजुबान पशुओं के लिए संवेदना की एक अनूठी मिसाल पेश की है। सड़कों पर विचरण कर रहे बेसहारा गौवंश और अन्य पशुओं को पानी की किल्लत से बचाने के लिए ‘गौ रक्षा वाहिनी’ ने इस वर्ष भी मोर्चा संभाला है।

सम्मान और सेवा का अनूठा संगम

अभियान का शुभारंभ भक्तिमय और सेवाभावी वातावरण में हुआ। इस पुनीत कार्य में आर्थिक और श्रमदान करने वाले दानदाताओं का रामनामी गमछा पहनाकर अभिनंदन किया गया। कार्यक्रम के दौरान ‘जय गौ माता’ और ‘जय श्री राम’ के उद्घोष से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। उपस्थित नागरिकों ने संकल्प लिया कि वे इस गर्मी में किसी भी बेजुबान को प्यास से व्याकुल नहीं होने देंगे।

युवाओं का अनुकरणीय योगदान

इस मुहिम में शहर के युवाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया है। कुमार मेडिकल स्टोर के संचालक शशांक जिज्ञासी (मोनी भाई) ने अकेले 50 नाद का जिम्मा उठाकर नेतृत्व की मिसाल पेश की। उनके साथ अन्य युवाओं ने भी इस सेवा सूची में अपना नाम दर्ज कराया:

नाम योगदान (नाद की संख्या)

शशांक जिज्ञासी (मोनी भाई) 50

ज्ञानेंद्र शुक्ला (जानी भाई) 10

विपिन मिश्रा 10

अनमोल पाल (सानू भाई) 10

रजनीश गुप्ता 10

सत्येंद्र सोनी 10

अरशद खान 10

आशीष डबरे 05

प्रज्वल जायसवाल (मिनी भाई) 05

देवांशु शर्मा 05

कुल लागत: लगभग ₹50,000 के जनसहयोग से इन 125 पात्रों का निर्माण कराया गया है।

“गौ सेवा ही परम सेवा है। हमारा उद्देश्य केवल नाद बांटना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि शहर के हर कोने में पशुओं के लिए शुद्ध जल उपलब्ध हो।” > — गौ रक्षा वाहिनी, बैकुंठपुर

निशुल्क प्राप्त करें नाद, पर जिम्मेदारी के साथ

संस्था ने घोषणा की है कि जो भी नागरिक अपने घर, दुकान या प्रतिष्ठान के बाहर इन जल पात्रों को रखवाना चाहते हैं, वे इन्हें निशुल्क प्राप्त कर सकते हैं। हालांकि, संस्था ने एक मर्मस्पर्शी अपील भी की है:

संकल्प जरूरी: अक्सर लोग उत्साह में नाद ले जाते हैं, लेकिन समय बीतने पर उसमें पानी भरना भूल जाते हैं।

अनुरोध: कृपया नाद तभी ले जाएं जब आप स्वयं या अपने स्टाफ के माध्यम से उसमें नियमित रूप से पानी भरने की जिम्मेदारी उठा सकें। ये पात्र कड़ी मेहनत और जनता के पैसे से बने हैं, इनका उद्देश्य तभी सफल होगा जब ये भरे रहेंगे।

कैसे करें संपर्क?

यदि आप भी इस पुण्य कार्य का हिस्सा बनना चाहते हैं या अपने क्षेत्र के लिए नाद प्राप्त करना चाहते हैं, तो नीचे दिए गए नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं:

8770718237

9977667123

7987883924

8770648484

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