*सामान्य सभा की हर बैठक में पीछे के दरवाजा से भागने वाले कांग्रेस पार्षद जनता के हितैषी नहीं हो सकते – शिव वर्मा*

*➡️ 2018 में कांग्रेस का निगम में गिनती के पार्षद थे*

*➡️ पूर्व महापौर तथा भाजपा पार्षद ने जनहित को ध्यान रखते हुए टैक्स वसूली को ठेका में नहीं देने सामान्य  सभा से वापस किया*

*➡️ कांग्रेस की सरकार होता तो विरोध करने वाले पार्षद सामान्य सभा में अपनी बाते रखकर सामान्य सभा से दूरी बना लेते*

*राजनंदगांव।* नगर निगम के पूर्व अध्यक्ष शिव वर्मा ने कांग्रेस पार्षद के बयान पर तीरवी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहां की जो पार्षद पूरे सामान्य सभा की बैठक में उपस्थित नहीं रहते है साथ ही सदन में मतदान की स्थिति में उपस्थित नहीं रहते साथ ही ऐसे पार्षद को भाजपा के विरोध में बोलने का अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्षद अपनी पार्टी के झगड़ा को भाजपा पर ठीकरा फोड़ना कोई नई बात नहीं है। महापौर परिषद की बैठक में लिया गया निर्णय शहर में जलकर, समेकित कर संपत्ति कर गुर्जर चार्ज वसूली ठेके पद्धति से करने के लिए रांची की कंपनी से अनुबंध कर निगम आयुक्त ने कार्य देश जारी किया। तथा अभी वर्तमान में कांग्रेस की सरकार होता तो अपने आप को जनता की हितेषी कहने वाले यह मुद्दा ही नहीं उठाता और अभी तक निगम के महापौर तथा निगम आयुक्त उक्त कंपनी को सर्व उपरांत वसूली के लिए ठेकेदार से अनुबंध कर लिया होता। पूर्व महापौर ने 12 जनवरी 2018 की सामान्य सभा में संपत्ति कर , जलकर , समेकित कर संपत्ति कर गुर्जर चार्ज जो विषय आया था चर्चा किए बिना साथ ही अपने  बहुमत का  दूरप्रयोग नहीं करते हुए जनता के हित में यह विषय को सदन से वापस किया उसे समय सदन में कांग्रेस की गिनती के पार्षद थे सदन में कांग्रेस के दबाव में यह विषय वापस नहीं हुआ था कांग्रेस अपनी मन के लड्डू खाना बंद करें । जिस प्रकार ठेकेदार को यदि वर्क आर्डर दिया है तो उनके द्वारा किए गए सर्वे के आधार पर उन्हें इस कार्य के लिए राशि देना पड़ेगा। निगम आयुक्त तथा महापौर को इस बात का ध्यान होना चाहिए कि जो फाइल सामान्य सभा से वापस हुआ है वह फाइल फिर से सामान्य सभा में आएगा बिना सामान्य सफर की जानकारी में यह लिया गया निर्णय पूरी तरह अनुचित है तथा ठेकेदार को किए गए कार्य की राशि निगम का आयुक्त तथा महापौर के द्वारा वसूली किया जाएगा। कांग्रेस पार्षद के बयान पर कहा कि कांग्रेस के 5 साल में एक भी बार निगम कर्मचारीयों के हित में उल्लेखनीय कार्य नहीं किया साथ ही इन कर्मचारियों को हर महीना वेतन मिले इसके लिए शासन स्तर पर कोई पहल नहीं किया सिर्फ घड़ियाली आंसू बहाने काम किया है।
श्री वर्मा ने आगे कहा कि पूर्व महापौर का महानता है कि सामान्य सभा में बहुमत होते हुए भी शासन के आदेश को दर किनारे कर शहर की जनता को ध्यान रखते हुए सदन से जलकर समेकित कर संपत्ति कर गुर्जर चार्ज ठेके से नहीं देने के लिए सामान्य सभा से सर्वसम्मति से प्रस्ताव वापस किया।

राजनांदगांव से दीपक साहू

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