* प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 की पहली किस्त अटकी,कच्चे मकान तोड़े,निर्माण कार्य ठप, हितग्राहियों में बढ़ी चिंता, कर्ज में डूबे हितग्राही..
राजनांदगांव : प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 के अंतर्गत स्वीकृत आवासों की पहली किश्त अब तक जारी नहीं होने से हजारों हितग्राही आर्थिक संकट और परेशानियों का सामना कर रहे हैं। युवा कांग्रेस नेता पूर्व पार्षद ऋषि शास्त्री ने इस मुद्दे को उठाते हुए “सुशासन तिहार” की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2025 के “सुशासन तिहार” में हितग्राहियों को प्रधानमंत्री आवास योजना के प्रमाण पत्र वितरित कर आवास स्वीकृति दी गई थी। विभागीय निर्देशों के अनुसार लोगों ने अपने पुराने कच्चे मकान तोड़ दिए और कई परिवारों ने कर्ज लेकर डीपीसी तक का निर्माण कार्य पूरा कर लिया। इसके बावजूद वर्ष 2026 तक पहली किश्त जारी नहीं हो सकी है।

ऋषि शास्त्री के अनुसार अधिकारियों द्वारा लगातार निर्माण कार्य जारी रखने के निर्देश दिए जा रहे हैं, जबकि अधिकांश हितग्राहियों की आर्थिक स्थिति कमजोर हो चुकी है। जमा पूंजी समाप्त होने और बैंक ऋण के बोझ के कारण कई परिवारों का निर्माण कार्य पिछले छह माह से रुका हुआ है।

उन्होंने इसे केवल एक क्षेत्र की नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश के हजारों हितग्राहियों की समस्या बताते हुए शासन और प्रशासन से लंबित पहली किश्त शीघ्र जारी करने की मांग की है। इस संबंध में सुशासन अधिकारी राजनांदगांव को ज्ञापन भी सौंपा गया है।
शास्त्री ने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि हितग्राहियों को समय पर राशि नहीं मिलती, तो “सुशासन” के दावों का आम जनता के लिए क्या महत्व रह जाता है।




