कोरिया और मनेंद्रगढ़ वनमंडल में इन दिनों हाथियों का आतंक बना हुआ है। हाथियों का दल गांवों में पहुंचकर फसलों को नुकसान पहुँचा रहा है, जिससे ग्रामीण दहशत में हैं। हाल ही में कछौड़ गांव में हाथियों के हमले से एक ग्रामीण की मौत भी हो चुकी है।

बिहारपुर रेंज से होते हुए सोनहत की पहाड़ियों और अमृतधारा इलाके में लगातार हाथियों का दल घूम रहा है। शुक्रवार सुबह भी कोरिया वनमंडल के देवगढ़ परिक्षेत्र में तर्रा जंगल में 12 हाथियों का दल पहुंचा। हाथियों के आने से धान की फसल रौंदी जा रही है और कई जगह मकानों को नुकसान पहुंचा है।
वन विभाग की टीम लगातार पेट्रोलिंग कर रही है। ग्रामीणों को समझाइश दी जा रही है कि हाथियों के विचरण वाले इलाकों में न जाएं और न ही उन्हें उकसाने की कोशिश करें। गांवों में रात को सतर्कता बढ़ाई जा रही है, ताकि किसी तरह की जनहानि न हो।
चन्द्रशेखर शंकर परदेशी, DFO, कोरिया वन मंडल
गौरतलब है कि विगत कई वर्षों से कोरबा, कटघोरा, खड़गवा, सलका, सोनहत और रामगढ़–कोटाडोल होते हुए यह हाथियों का स्थायी रूट बन चुका है। हाथी कारीडोर बनाने की घोषणा तो हुई, लेकिन अब तक धरातल पर काम नहीं दिख रहा। नतीजतन हर साल ग्रामीणों की जान और फसलों पर संकट बना हुआ है।
फिलहाल वन विभाग हाथियों की लगातार निगरानी कर रहा है, लेकिन ग्रामीणों की चिंता है कि अगर कारीडोर जल्द नहीं बना तो हाथी–मानव टकराव की घटनाएं और बढ़ सकती हैं।




