*➡️ छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन ने 11 सूत्रीय मांगों को लेकर मुख्यमंत्री एवं मुख्य सचिव के नाम कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन*
*राजनांदगांव।*
छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के आह्वान पर जिले के कर्मचारी एवं अधिकारी अपने विभिन्न लंबित 11 सूत्रीय मांगों को लेकर 18 मार्च को जिला मुख्यालय में अवकाश के दौरान जंगी प्रदर्शन कर माननीय मुख्यमंत्री एवं माननीय मुख्य सचिव के नाम कलेक्टर महोदय को ज्ञापन सौंपा। जिला संयोजक सतीश ब्यौहरे, जिला महासचिव पी. आर. झाड़े, जिला संरक्षक डॉ.के.एल. टांडेकर के नेतृत्व में फेडरेशन के पदाधिकारी में प्रमुख रूप से वीरेंद्र कुमार रंगारी,अरुण देवांगन, हरीश भाटिया, केदार शांडिल्य, आदर्श वासनिक, एन .एल.देवांगन, डैनी राम वर्मा , रोहित सिन्हा, मोहम्मद रफीक अंसारी, प्रभंजय पांडे, डी. के. लिल्हारे, अभिषेक श्रीवास्तव, जी. आर. देवांगन,भोज राज बागसवार, निश्चय रामटेक, शत्रुघन कुंभकार, भुनेश पटेल,देवेंद्र साहू,अनिल शर्मा, प्रवीण शर्मा,छन्नू राम साहू, अजय कड़वे,एवं रामखिलावन ठाकुर के अलावा जिले के कर्मचारी अधिकारी बड़ी संख्या में उपस्थित होकर अपनी एकता और अधिकारों की आवाज बुलंद किए l फेडरेशन के पदाधिकारी ने बताया कि कर्मचारियों की लंबे समय से लंबित मांगों के निराकरण के लिए यह प्रदर्शन आयोजित किया गया। प्रमुख मांगों में मोदी की गारंटी के अनुसार जुलाई 2016 से लंबित महंगाई भत्ता एरियर्स की राशि कर्मचारियों के जीपीएफ खाते में समायोजित करने, प्रदेश में चार स्तरीय पदोन्नति समय मान वेतनमान क्रमशः 8, 16, 24 एवं 32 वर्ष में प्रदान करने तथा मध्य प्रदेश की भांति अर्जित अवकाश नगदी करण 300 दिवस करने की मांग प्रमुख रूप में शामिल है ,इसके साथ ही फेडरेशन ने लिपिकों, शिक्षकों, स्वास्थ्य विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग सहित विभिन्न संवर्गों की वेतन विसंगतियों को दूर करने हेतु पिंगिआ कमेटी की रिपोर्ट सार्वजनिक करने, शिक्षकों की प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा गणना कर समस्त सेवा लाभ देने तथा सहायक शिक्षकों एवं सहायक पशु चिकित्सा अधिकारियों को त्रिस्तरीय समय मान वेतनमान प्रदान करने की मांग की उठाई है। फेडरेशन ने अनुकंपा नियुक्ति को निःशर्त लागू करने, 10% की वर्तमान सीमा समाप्त कर सीधी भर्ती के समस्त पदों पर अनुकंपा नियुक्ति देने, पंचायत सचिवों का शासकीयकरण करने तथा नगरीय निकाय के कर्मचारियों को नियमित मासिक वेतन और समयबद्ध पदोन्नति देने की मांग भी की है । इसके अतिरिक्त विभागों में कर्मचारियों की कमी को देखते हुए सेवानिवृत्ति आयु 65 वर्ष करने, कार्यभारित दैनिक वेतन भोगी, अनियमित एवं संविदा कर्मचारियों का नियमितीकरण करने तथा आधार आधारित उपस्थित प्रणाली एवं सेवानिवृत्ति उपरांत संविदा नियुक्ति तत्काल बंद करने की मांग भी प्रमुख रूप से उठाई गई है, साथ ही विभागों में रिक्त पदों पर शीघ्र भर्ती की अनुमति देने की भी मांग की गई है ।
राजनांदगांव से दीपक साहू की रिपोर्ट 




