हलषष्ठी का पर्व आज हर जगह धूमधाम से मनाया जा रहा है।संतान की दीर्घायु और कुशलता की कामना के लिए महिलाएं हर साल हलषष्ठी का व्रत रखती हैं।
रानीतराई / मान्यता है कि इस दिन व्रत रखने से संतान को सभी कष्टों से मुक्ति मिलती है। इस साल हलषष्ठी का व्रत बुधवार, 17 अगस्त को रखा जाएगा। बलराम जी का मुख्य शस्त्र हल और मूसल है इसलिए उन्हें हलधर भी कहा जाता है एवं उन्हीं के नाम पर इस पावन पर्व का नाम हल षष्ठी पड़ा है। हलषष्ठी के दिन माताओं को महुआ की दातुन और महुआ खाने का विधान है।
पाटन विकासखंड के तरीघाट गांव में हलषष्ठी का पर्व महिलाओं ने सामूहिक रूप से मनाया। इस अवसर पर विधिवत परंपरा अनुसार पूजा अर्चना की गई। कार्यक्रम में अन्नु महाराज , जनपद सदस्य मीरा बाई सिंहा, उपसरपंच नंदनी गोस्वामी, श्रीमती चंद्रिका साहु पूर्व तहसील उपाध्यक्ष पाटन, गीता सि़हा, शोभना सोनी, उर्मिला सिंहा, राजलक्ष्मी साहु, झमिता साहु, मीना सिंहा, अर्चना साहु लता साहु नेमा सिँहा हेमलता साहू, अनिता सिंहा, अन्नु सिंहा द्रोपती सिंहा,अरुण साहु सुशिला साहु इत्यादि उपस्थित थे।





