बिजली की बढ़ती कीमतों और स्मार्ट मीटर के खिलाफ कांग्रेस का हल्लाबोल

400 यूनिट तक ‘बिल हाफ योजना’ बहाल करने और जबरन स्मार्ट मीटर लगाने पर रोक की मांग; जिले में चरणबद्ध बड़े आंदोलन का ऐलान
मनेंद्रगढ़
प्रदेश में बिजली की बढ़ी हुई दरों और स्मार्ट मीटर की स्थापना को लेकर राजनीतिक पारा चढ़ गया है। जिला कांग्रेस कमेटी मनेंद्रगढ़ ने शनिवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन कर राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि आम जनता पर लादे जा रहे अतिरिक्त आर्थिक बोझ को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
कांग्रेस ने सरकार से बढ़ी हुई बिजली दरों को तुरंत वापस लेने, पूर्ववर्ती सरकार की 400 यूनिट तक ‘बिजली बिल हाफ योजना’ को पुनः लागू करने और बिना जन-सहमति के लगाए जा रहे स्मार्ट मीटरों को तत्काल हटाने की मांग की है। मांगों के समर्थन में कांग्रेस ने पूरे जिले में त्रिस्तरीय चरणबद्ध आंदोलन की रूपरेखा भी जारी कर दी है।
”आम जनता का बजट बिगाड़ रही सरकार” : जिलाध्यक्ष अशोक श्रीवास्तव
पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए जिला कांग्रेस अध्यक्ष अशोक श्रीवास्तव ने प्रदेश सरकार की नीतियों पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा:
”भाजपा सरकार लगातार बिजली की दरों में बढ़ोतरी कर आम उपभोक्ताओं और मध्यमवर्गीय परिवारों की कमर तोड़ रही है। पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में ‘बिजली बिल हाफ योजना’ से प्रदेश के लाखों परिवारों को 400 यूनिट तक सीधा आर्थिक लाभ मिलता था। वर्तमान सरकार ने इस जनहितैषी योजना को बंद कर दिया है। कांग्रेस जनता के अधिकारों के लिए चुप नहीं बैठेगी; सड़क से लेकर सदन तक इस लड़ाई को मजबूती से लड़ा जाएगा।”
जबरन लगाए जा रहे स्मार्ट मीटर, उपभोक्ता परेशान : पूर्व विधायक गुलाब कमरो
पूर्व विधायक गुलाब कमरो ने स्मार्ट मीटर परियोजना की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जमीनी स्तर पर जनता इस व्यवस्था से अत्यधिक त्रस्त है।
- अत्यधिक और फर्जी बिलिंग: स्मार्ट मीटर लगने के बाद से उपभोक्ताओं के पास दोगुने से तीन गुने तक बिजली बिल आ रहे हैं, जिससे ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में भारी असंतोष है।
- बिना सहमति स्थापना: बिजली विभाग के कर्मचारी उपभोक्ताओं की बिना अनुमति और जानकारी के घरों में जबरन स्मार्ट मीटर थोप रहे हैं।
- सघन संपर्क अभियान: कांग्रेस कार्यकर्ता अब गांव-गांव और घर-घर जाकर लोगों को इस तानाशाही के खिलाफ जागरूक करेंगे और आंदोलन से जोड़ेंगे।
ब्लॉक शहर अध्यक्ष सौरव मिश्रा ने कहा कि बिजली कोई विलासिता की वस्तु नहीं, बल्कि हर नागरिक की प्राथमिक आवश्यकता है। इसे महंगा बनाकर सरकार जनविरोधी रुख अपना रही है।
तीन चरणों में घेरा जाएगा शासन और प्रशासन
कांग्रेस नेताओं ने आंदोलन की रणनीति साझा करते हुए बताया कि यह लड़ाई केवल बयानों तक सीमित नहीं रहेगी:
- पहला चरण (विरोध प्रदर्शन): बिजली दरों में की गई अनुचित वृद्धि के विरोध में जिला व ब्लॉक मुख्यालयों पर जोरदार धरना-प्रदर्शन।
- दूसरा चरण (हस्ताक्षर व विरोध-पत्र अभियान): कार्यकर्ता घर-घर जाकर स्मार्ट मीटर के खिलाफ जनता का हस्ताक्षर अभियान चलाएंगे और विरोध-पत्र भरवाएंगे।
- तीसरा चरण (विद्युत कार्यालयों का घेराव): जनभावनाओं की अनदेखी होने पर बिजली विभाग के संभागीय व जिला कार्यालयों का अनिश्चितकालीन घेराव और वृहद जनआंदोलन।
वरिष्ठ नेताओं की एकजुटता
पत्रकार वार्ता में जिला उपाध्यक्ष कृष्ण मुरारी तिवारी, प्रवक्ता भावेश जैन, महामंत्री पूनम सिंह, रफीक मेमन, बलबीर सिंह एवं अमर सिंह सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी उपस्थित रहे। सभी नेताओं ने एक स्वर में कहा कि यदि सरकार ने समय रहते बिजली दरें घटाने और स्मार्ट मीटर की आड़ में हो रही वसूली पर रोक नहीं लगाई, तो उग्र जनआंदोलन की पूरी जिम्मेदारी शासन की होगी।





