कलेक्टर रणबीर शर्मा ने नवसाक्षरों से उत्साह के साथ शामिल होने की अपील की..
गरियाबंद। साक्षरता का अर्थ केवल नाम लिखना या अक्षर पहचानना नहीं, बल्कि आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता के साथ जीवन जीना है। पढ़ना-लिखना सीखने से व्यक्ति बैंक का कामकाज खुद कर पाता है, ज़रूरी कागज़ात समझ सकता है और अपने अधिकारों के प्रति जागरूक बनता है।
इसी उद्देश्य से गरियाबंद जिले में 27 सितंबर 2026 को बुनियादी साक्षरता और संख्या ज्ञान (गिनती-हिसाब) की परीक्षा आयोजित की जा रही है। यह परीक्षा छत्तीसगढ़ शासन के ‘उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम’ के तहत होगी, जिसमें नवसाक्षरों के सीखने के स्तर को परखा जायेगा।
कलेक्टर एवं जिला साक्षरता मिशन के अध्यक्ष रणबीर शर्मा ने सभी नवसाक्षरों से निडर होकर इस परीक्षा में शामिल होने की अपील की है। उन्होंने कहा कि यह परीक्षा उनके सीखने और आगे बढ़ने का एक बड़ा अवसर है।
कलेक्टर ने शिक्षकों, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संस्थाओं और आम नागरिकों से आग्रह किया है कि वे पढ़ने-लिखने से वंचित लोगों को इस अभियान से जोड़ें। उन्होंने कहा कि एक व्यक्ति के साक्षर होने से पूरा परिवार सशक्त बनता है, इसलिये सभी मिलकर ‘साक्षर गरियाबंद’ के संकल्प को पूरा करने का प्रयास अवश्य करें।






