
* सीमेंट परियोजना का विरोध जताने युवा किसानो ने बाइक रैली निकाल कलेक्ट्रेट मे सौंपा ज्ञापन..
* परियोजना के निरस्त होते तक आंदोलन जारी रखने का किया एलान…
खैरागढ़ (प्रदीप बोरकर)। जिले के छुईखदान इलाके में सीमेंट परियोजना के लगातार जारी विरोध के दौरान मंगलवार को संडी, हनईबन, दनिया, अतरिया, उदयपूर सहित 40 गांवो के युवा किसानो ने बाइक रैली निकाल जिला मुख्यालय पहुँच कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंप क्षेत्र मे प्रस्तावित सीमेंट परियोजना को पूर्णत निरस्त करने की मांग दोहराई ।


साल भर से जारी परियोजना के विरोध के स्वर को तेज करते महिला किसानो के बाद क्षेत्र के युवा किसानो ने परियोजना पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने, किसान संबंधी प्रोसेसिंग युनिट शुरू करने, क्षेत्र की उपजाऊ जमीनो पर किसी भी प्रकार के खनन अथवा फैक्ट्री लगाने का विरोध करते कहा कि क्षेत्र के 40 गांव के किसानो की आजिविका का साधन खेती है।
दस हजार हेक्टेयर से अधिक जमीन पर खेती करने वाले किसान खुद जमीन के मालिक है। उन्हेकिसी प्रकार की नौकरी की जरूरत नही है ।
कलेक्ट्रेट पहुँचे युवाओ ने दो सुत्रीय मांग संबंधी ज्ञापन सौपते क्षेत्र मे प्रस्तावित चूना पत्थर खनन परियोजना को जनहित मे तत्काल फैसला लेकर बंद करने, श्री सीमेंट के प्रस्तावित परियोजना मे जनता की आपत्ति और अधिकार की अनदेखी नही करने, किसी प्रकार की जनसुनवाई नही करवाने की मांग की।
बाइक रैली से ज्ञापन सौंपने पहुँचे युवा किसानो ने प्रेस वार्ता कर अपनी बाते भी रखी और शासन प्रशासन स्तर पर त्वरित कार्यवाही होने तक लगातार शांतिपूर्ण आंदोलन और परियोजना के रदद होने तक सड़क की लड़ाई लड़ने की बात कही ।
युवाओ को स्थाई रोजगार उपलब्ध कराए, परियोजना का विरोध
प्रेस वार्ता को संबोधित करते युवा संघर्ष समिति के पदाधिकारियो ने कहा कि दनिया, अतरिया, हनईबन, उदयपूर सहित प्रभावित क्षेत्र मे परियोजना संबंधी कार्यवाही बंद करने आंदोलन लगातार जारी रहेगा ।
युवाओ ने क्षेत्र मे सीमेट परियोजना को निरस्त करने, बहुफसली कृषि भूमि, डीह डोंगरी, जलस्त्रोतो और प्राकृतिक संसाधनी को खनन गतिविधियों से सुरक्षित रखने, स्थानीय युवाओ के लिए स्थाई रोजगार, कौशल विकास, स्वरोजगार के अवसरो को प्राथमिकता देने, सीमेंट परियोजना में स्थानीय जनता की आपत्तियो और अधिकारो की अनदेखी नही करने, दोबारा कोई जनसुनवाई नही करने, परियोजना प्रभावित गांवो के किसानो ग्रामीणो, महिलाओ, युवाओ की बात को निर्णय प्रक्रिया मे वास्तविक स्थान देने की मांग की। समिति के युवाओ ने कहा कि सीमेंट कंपनी के कतिपय कर्मचारी क्षेत्र मे फिर से जायजा ले रहे है।
किसानों को उकसाने का प्रयास किया जा रहा है। आंदोलन परियोजना को निरस्त कराने तक जारी रखा जाएगा । जनसुनवाई की सूचना के सवाल पर कहा कि अंदरूनी तरीके से जनसुनवाई कराने का प्रयास किया जा रहा है।
युवाओ ने कहा कि आंदोलन क्षेत्र की पारंपरिक सभ्यता, संस्कृति और प्राकृतिक संसाधनो को बचाने के लिए किसा जा रहा है। सीमेंट परियोजना के चलते क्षेत्र के दस हजार से अधिक युवा किसानो की बलि नही दी जाएगी।








