* CMHO के बयान पर मचा बवाल, गैरजिम्मेदाराना रवैये पर कलेक्टर से कि कार्रवाई की मांग…
* सोशल मीडिया टिप्पणी पर घिरे CMHO, “राजनांदगांव जिला अस्पताल बदहाल, मरीजों को झेलनी पड़ रही परेशानी…

राजनांदगांव : प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मीडिया पैनलिस्ट अभिमन्यु मिश्रा एवं पूर्व पार्षद ऋषि शास्त्री के संयुक्त तत्वावधान में आज कलेक्टर राजनांदगांव को मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMHO) के खिलाफ विस्तृत शिकायत सौंपी गई। शिकायत में CMHO द्वारा सोशल मीडिया पर देर रात की गई कथित गैरजिम्मेदाराना एवं असंवेदनशील टिप्पणी को गंभीर बताया गया है।
ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि पूर्व में जिला अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी एवं अव्यवस्थाओं को लेकर प्रेस विज्ञप्ति जारी की गई थी। इस गंभीर विषय पर संज्ञान लेने के बजाय CMHO द्वारा सोशल मीडिया के माध्यम से पूर्व पार्षद को स्वयं अस्पताल जाकर डॉक्टर खोजने की सलाह देना प्रशासनिक संवेदनहीनता को दर्शाता है।
मामले के बाद युवा नेताओं द्वारा जिला अस्पताल का निरीक्षण किया गया, जिसमें स्वास्थ्य सेवाओं की वास्तविक स्थिति अत्यंत चिंताजनक पाई गई। अस्पताल में टीबी विशेषज्ञ सहित कई महत्वपूर्ण विभागों में डॉक्टरों की भारी कमी है। स्वीकृत सेटअप के अनुरूप स्टाफ उपलब्ध नहीं होने से मरीजों को समुचित उपचार नहीं मिल पा रहा है।
निरीक्षण के दौरान यह भी सामने आया कि सिटी स्कैन मशीन लंबे समय से बंद पड़ी है, जिससे मरीजों को निजी जांच केंद्रों पर महंगे परीक्षण कराने पड़ रहे हैं। वहीं ब्लड जांच के लिए आवश्यक केमिकल्स के अभाव में पिछले एक वर्ष से जांच व्यवस्था प्रभावित है। आवश्यक दवाइयों की कमी के कारण मरीजों को बाहर से दवाएं खरीदनी पड़ रही हैं।
इसके अलावा कई डॉक्टरों एवं स्टाफ को अन्य स्थानों पर अटैच कर दिया गया है, जबकि जिला अस्पताल स्वयं स्टाफ की कमी से जूझ रहा है। बॉन्ड पर नियुक्त 6 डॉक्टर बिना सूचना के अनुपस्थित पाए गए, जो प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाता है। अस्पताल परिसर में आवारा पशुओं की आवाजाही एवं खराब पड़े सीसीटीवी कैमरे सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े करते हैं।
100 बिस्तरों वाले मातृ-शिशु अस्पताल की स्थिति और भी अधिक दयनीय पाई गई। यहां डॉक्टरों एवं स्टाफ की भारी कमी है, मूलभूत सुविधाएं नदारद हैं, और भवन की छत से पानी टपक रहा है, जबकि हाल ही में मरम्मत कार्य पर लगभग 40 लाख रुपये खर्च किए गए थे। इस अस्पताल में लगभग 80 डॉक्टर एवं स्टाफ की तत्काल आवश्यकता बताई गई है।
पूर्व पार्षद ऋषि शास्त्री ने कहा, “जब जिम्मेदार अधिकारी ही इस प्रकार की टिप्पणी करेंगे, तो जनता को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं कैसे मिलेंगी? जिला अस्पताल की स्थिति शासन-प्रशासन के दावों की पोल खोलती है।
युवा कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष संदीप सोनी ने कहा कि जनता के स्वास्थ्य के साथ इस प्रकार का खिलवाड़ उचित नहीं है। यदि सुविधाओं और डॉक्टरों की कमी है, तो उसे स्वीकार करते हुए सुधार करना चाहिए, न कि सोशल मीडिया पर इस तरह की प्रतिक्रिया देना चाहिए। अंत में कलेक्टर से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच-कार्रवाई एवं जिला अस्पताल व मातृ-शिशु अस्पताल की व्यवस्थाओं में तत्काल सुधार की मांग की गई।
इस दौरान डोंगरगांव यूथ कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष संदीप डहरे, प्रदेश सचिव राजा यादव, ब्लॉक अध्यक्ष संदीप सोनी, शहर कांग्रेस सचिव आशीष साहू, पूर्व ग्रामणी अध्यक्ष राहुल साहू, जय जायसवाल, लक्ष्य सिंह सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित




