अतिक्रमण हटाने और माफिया पर लगाम लगाने की सज़ा! DFO कश्यप की बेदाग़ छवि को धूमिल करने की कोशिशें: डीएफओ मनीष कश्यप बन रहे हैं राजनीतिक के शिकार

 अतिक्रमण हटाने और माफिया पर लगाम लगाने की सज़ा! DFO कश्यप की बेदाग़ छवि को धूमिल करने की कोशिशें: डीएफओ मनीष कश्यप बन रहे हैं राजनीतिक के शिकार

MCB जिला (मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर): MCB जिले के कर्तव्यनिष्ठ वन मंडल अधिकारी (DFO) मनीष कश्यप आज बेवजह राजनीतिक खींचतान और व्यक्तिगत हमलों का शिकार हो रहे हैं, जिससे उनकी बेदाग छवि को धूमिल करने की कोशिशें जोर पकड़ रही हैं। वन संरक्षण और विकास के क्षेत्र में असाधारण उपलब्धियों वाले इस अधिकारी को अब कुछ निहित स्वार्थों द्वारा निशाना बनाया जा रहा है, जो उनकी सख़्त ईमानदारी को बर्दाश्त नहीं कर पा रहे हैं।

सफलता की गाथा: अतिक्रमण पर सख़्त, संरक्षण में अद्भुत

ईमानदार डीएफओ मनीष कश्यप का ट्रैक रिकॉर्ड उनकी सत्यनिष्ठा और कार्यकुशलता का प्रमाण है, जिसे नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता:

 रतनपुर से सख्त शुरुआत: अतिक्रमण पर वार

DFO कश्यप के सफल नेतृत्व की शुरुआत MCB जिले के ग्राम रतनपुर से हुई, जहाँ उन्होंने वन विभाग की भूमि पर हुए विशाल अतिक्रमण को सफलतापूर्वक हटाया। इस सख़्त कार्रवाई ने स्पष्ट कर दिया कि DFO कश्यप वन संपदा की रक्षा के लिए किसी भी दबाव के आगे झुकने वाले नहीं हैं। यह कदम ही उनके खिलाफ राजनीतिक विरोध का पहला कारण बना।

महुआ बचाओ अभियान’ – राष्ट्रीय पहचान और सम्मान

उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि ‘महुआ बचाओ अभियान’ रही। यह सिर्फ अवैध संग्रह रोकने का अभियान नहीं था, बल्कि उन्होंने वैज्ञानिक तरीके से महुआ के संग्रहण और प्रोसेसिंग को बढ़ावा दिया, जिससे स्थानीय वन आश्रित समुदायों की आजीविका सुरक्षित हुई। इस अद्भुत और प्रभावी कार्य के लिए उन्हें ‘नेक्सस ऑफ गुड फाउंडेशन’ जैसे प्रतिष्ठित मंचों द्वारा सम्मानित किया गया, जो उनकी ज़मीनी स्तर पर काम करने की क्षमता का प्रमाण है।

 गोंडवाना मरीन फॉसिल पार्क को अंतर्राष्ट्रीय पहचान

DFO कश्यप की दूरदर्शिता का सबसे बड़ा उदाहरण एशिया के सबसे बड़े मरीन फॉसिल पार्क को संवारने का उनका कार्य है। यह पार्क, जो गोंडवाना मरीन फॉसिल पार्क के नाम से भी जाना जाता है, इसके संरक्षण, बुनियादी ढांचे के विकास और पर्यटन क्षमता को बढ़ाने के लिए उन्होंने अथक प्रयास किए। उनके प्रयासों से इस ऐतिहासिक और वैज्ञानिक महत्व के स्थल को एक नई, राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पहचान मिली, जिससे यह राज्य और देश के पर्यटन मानचित्र पर एक प्रमुख आकर्षण बन गया। इसी उत्कृष्ट कार्य के लिए उन्हें एक बार फिर बड़े स्तर पर सम्मानित किया गया ऐसे और कई सराहनीय कार्य हैं

बेवजह राजनीति का शिकार: साफ़-सुथरी छवि को धूमिल करने की साजिश

आज वही व्यक्ति, जिसके कार्यों की गूंज पूरे देश में सुनाई दी, बेवजह राजनीतिक घसीटा जा रहा है। सूत्रों का कहना है कि:

ईमानदारी बनी दुश्मन: उनकी सख़्त ईमानदारी और नियम-कानूनों के प्रति अटूट निष्ठा उन प्रभावशाली लॉबी को रास नहीं आ रही, जो वन क्षेत्र में अनियमितताओं, कटाई और अवैध खनन को बढ़ावा देना चाहते हैं।

निशाने पर क्यों?: रतनपुर में अतिक्रमण हटाने और महुआ माफिया पर लगाम लगाने के कारण ये प्रभावशाली लोग उनसे नाराज़ हैं और व्यक्तिगत रूप से उन्हें निशाना बना रहे हैं।

मनगढ़ंत आरोप: उनकी छवि को धूमिल करने के लिए मनगढ़ंत आरोप लगाए जा रहे हैं और सस्ती राजनीति की जा रही है।

 निष्पक्ष जांच की मांग: प्रशासन तुरंत हस्तक्षेप करे

जिले के प्रबुद्ध नागरिक, पर्यावरण प्रेमी, और विभिन्न सामाजिक संगठन एक स्वर में यह मांग कर रहे हैं कि उच्च प्रशासन इस मामले का तुरंत संज्ञान ले।

“एक ईमानदार, पुरस्कृत और परिणाम-उन्मुख अधिकारी को उन निहित स्वार्थों की सस्ती राजनीति का शिकार होने से बचाया जाना चाहिए, जो केवल अपने अवैध धंधों को बचाना चाहते हैं

 ईमानदार डीएफओ मनीष कश्यप की उपलब्धियां न केवल MCB जिले की धरोहर हैं, बल्कि वन संरक्षण के क्षेत्र में एक मिसाल हैं। प्रशासन को बिना देरी किए हस्तक्षेप करना चाहिए, उनकी छवि खराब करने की साजिशों पर विराम लगाना चाहिए और उन्हें बिना किसी राजनीतिक दबाव के अपना कर्तव्य निभाने की अनुमति देनी चाहिए, ताकि उनकी प्रशासनिक क्षमता का लाभ राज्य को मिलता रहे।

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