* गुरु पूर्णिमा अवसर पर कवि साहित्यकारों ने गुरु रुप कोशा जी का किया वंदन…
* शाल श्री फल, पुष्प गुच्छ व उपहार प्रदान कर लंबी उम्र की मांगी दुआएं…
राजनांदगांव ; छत्तीसगढ़ साहित्य सृजन समिति के कवि /साहित्यकारों ने गुरु पूर्णिमा के अवसर पर छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग के जिला समन्वयक व साहित्य समिति के संरक्षक वरिष्ठ कवि / साहित्यकार व लोक कला धर्मी कोशा जी के निवास स्थान में पहुंच कर उनका तिलक लगा कर कला साहित्य गुरु रुप में आरती पूजन- वंदन किया गया और उन्हें पुष्प गुच्छ प्रदान कर मुंह मीठा कराते हुए उनकी दीर्घायु की कामना के साथ नवीन उपहार प्रदान किए गए।
इस दौरान मुख्य रूप से उपस्थित साहित्य समिति की उपाध्यक्ष कवयित्री सुषमा शुक्ला “अंशुमन”, सचिव मानसिंह मौलिक, संगठन सचिव पप्पू “पौर्वात्य’ कलिहारी, संयोजक पवन यादव”पहुंना”, कवि आनंद सार्वा अनंत, नव हस्ताक्षर कवि चुरामन चैतन्य , महावीर साहू, आदि ने गुरु पूर्णिमा अवसर पर कोशा जी से गुरु प्रसाद रुप में काव्य संबंधी ज्ञान की बातें श्रवण की और गुरु रुप में आप्त वचन श्रवण किए।
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इस दौरान कवि / साहित्यकारो ने कोशा जी की धर्मपत्नी श्रीमती अंजनी कोशा का भी गुरु माता के रूप में नमन करते हुए उन्हें नव वस्त्र प्रदान कर आत्मीय सम्मान किया।
“साहित्यिक आयोजन कर मनाया गया जन्म दिन”
साहित्य समिति के संगठन सचिव व मीडिया प्रभारी पप्पू पौर्वात्य’ने बताया कि गत दिनों शहर के विश्राम गृह में 22 जुलाई को श्री कोशा जी का 70 वें जन्म दिवस पर केक काटकर एवं काव्य पठन कर साहित्यिक आयोजन के साथ ज़न्मोत्सव कार्यक्रम धूमधाम के साथ मनाया गया था।
इस दौरान कोशा जी की दीर्घायु की कामना करते हुए उन्हें विभिन्न उपहार प्रदान किए गए थे। उक्त आयोजन का फोटो फ्रेमिंग कर कवि पवन यादव “पहुंना” द्वारा आज गुरु पूर्णिमा के दिन श्री कोशा जी को भेंट कर उन्हें स्मरणीय उपहार प्रदान किया।
इस अवसर पर सभी कवि साहित्यकारों के बीच आत्मीय पूर्ण माहौल बना रहा। गुरु पूर्णिमा पर अपने प्रशंसक कवि / साहित्यकारो की भावनाओं का सम्मान करते हुए कोशा जी द्वारा सबका मुंह मीठा करा कर उनके उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें ढेर सारा आशीर्वाद व शुभकामनाएं दी गई।





