चिरमिरी वन परिक्षेत्र के एफडीए प्लांटेशन के पास सड़क किनारे मिला मृत भालू, जांच में जुटा वन विभाग
(Highlights)
- घटनास्थल: डोमिनहिल से गेल्हापानी जाने वाले मार्ग पर एफडीए (FDA) प्लांटेशन के समीप सड़क किनारे मिला वन्यजीव का शव।
- त्वरित कार्रवाई: मीडिया द्वारा सूचना मिलते ही वन परिक्षेत्र अधिकारी टीम के साथ पहुंचे मौके पर, शव को लिया कब्जे में।
- जांच जारी: मौत के कारणों का फिलहाल खुलासा नहीं, पोस्टमार्टम (PM) रिपोर्ट के बाद सामने आएगी असल वजह।
- संदेह के दायरे: अज्ञात वाहन की टक्कर, बीमारी या अन्य कारणों पर वन विभाग की टीम कर रही गहन पड़ताल।
चिरमिरी / मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एमसीबी):
एमसीबी (MCB) जिले के चिरमिरी वन परिक्षेत्र अंतर्गत डोमिनहिल से गेल्हापानी जाने वाले मार्ग पर उस समय हड़कंप मच गया, जब सड़क किनारे एक नर/मादा भालू मृत अवस्था में पड़ा मिला। घटना की जानकारी मिलते ही क्षेत्र में कौतुहल और वन्यजीव प्रेमियों में चिंता की लहर दौड़ गई।
सूचना मिलते ही एक्शन में आया वन विभाग
प्राप्त जानकारी के अनुसार, डोमिनहिल-गेल्हापानी मार्ग पर स्थित एफडीए (FDA) प्लांटेशन के पास से गुजर रहे लोगों व मीडिया प्रतिनिधियों ने सड़क किनारे भालू के शव को देखा। मीडिया द्वारा तत्काल इसकी सूचना वन विभाग के उच्च अधिकारियों को दी गई। सूचना मिलते ही चिरमिरी वन परिक्षेत्र अधिकारी अपनी पूरी टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और क्षेत्र को सुरक्षा घेरे में लेते हुए मुआयना किया। वन अमले ने पंचनामा तैयार कर भालू के शव को अपने कब्जे में लिया।
मौत के कारणों पर सस्पेंस, पीएम रिपोर्ट का इंतजार
प्रारंभिक निरीक्षण में भालू की मौत के स्पष्ट कारणों का पता नहीं चल सका है। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि भालू की मौत किसी अज्ञात भारी वाहन की चपेट में आने से हुई है, किसी बीमारी के कारण या फिर इसके पीछे कोई अन्य परिस्थिति है, इसका सटीक खुलासा पशु चिकित्सकों द्वारा किए जाने वाले पोस्टमार्टम (Post-Mortem) की रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा।
वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर उठे सवाल
विदित हो कि एमसीबी जिला व चिरमिरी का वन परिक्षेत्र घने जंगलों और वन्यजीवों की मौजूदगी के लिए जाना जाता है। इस मार्ग पर अक्सर वन्यजीवों की आवाजाही बनी रहती है। सड़क किनारे भालू का शव मिलने से वन क्षेत्रों से गुजरने वाले मार्गों पर वाहनों की तेज रफ्तार और वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर भी चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
निष्पक्ष जांच का आश्वासन
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मामले की हर पहलू से गंभीरता से जांच की जा रही है। अगर किसी प्रकार की लापरवाही या संदिग्ध गतिविधि पाई जाती है, तो नियमानुसार आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल वन अमला विभागीय प्रक्रिया पूरी करने में जुटा हुआ है।






