*आपातकाल की 50वीं वर्षगाँठ पर टाउन हाॅल बालोद में आयोजित समारोह में वरिष्ठ जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, अधिकारी-कर्मचारी, छात्र-छात्राओं सहित सभी वर्ग के लोग हुए शामिल*
मीसा बंदियों का किया गया सम्मान, तिरंगा रैली निकालकर किया गया कार्यक्रम का समापन
बालोद : 25 जून 2025 संस्कृति विभाग छत्तीसगढ़ शासन के निर्देशानुसार जिला प्रशासन द्वारा आज जिला मुख्यालय बालोद के टाउन हाॅल मे देश में 25 जून 1975 को लगाए गए आपातकाल की 50वीं वर्षगाँठ पूरा होने पर संविधान हत्या दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती तारणी पुष्पेन्द्र चन्द्राकर, नगर पालिका बालोद की अध्यक्ष श्रीमती प्रतिभा चैधरी, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री तोमन साहू, राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग के पूर्व सदस्य श्री यशवंत जैन, वरिष्ठ जनप्रतिनिधि श्री चेमन देशमुख, जनपद पंचायत बालोद की अध्यक्ष श्रीमती सरस्वती टेमरिया, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष श्री यज्ञदत्त शर्मा, श्री पवन साहू, श्री केसी पवार,
जनपद पंचायत गुरूर के उपाध्यक्ष श्री दुर्गानंद साहू, श्री राकेश यादव छोटू एवं नगर पालिका परिषद बालोद के पार्षदों के अलावा अन्य जनप्रतिनिधियों के अलावा अपर कलेक्टर श्री अजय किशोर लकरा, एसडीएम श्री नूतन कंवर, डिप्टी कलेक्टर श्रीमती प्राची ठाकुर, तहसीलदार श्री आशुतोष शर्मा सहित जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, मुख्य नगर पालिका अधिकारी एवं गणमान्य नागरिक, अधिकारी-कर्मचारी, छात्र-छात्राओं सहित समाज के सभी वर्ग के लोग कार्यक्रम में शामिल हुए।
इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती प्रतिभा चैधरी, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री तोमन साहू, राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग के पूर्व सदस्य श्री यशवंत जैन, वरिष्ठ जनप्रतिनिधि श्री पवन साहू एवं श्री केसी पवार के द्वारा आपातकाल तथा 25 जून 1975 को आपातकाल लगने के बाद देश में उत्पन्न परिस्थिति के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई।
समारोह में अतिथियों के द्वारा आपातकाल के दौरान जेल में सजा काटने वाले मीसा बंदी श्री नेमसिंह साहू के अलावा मीसा बंदी स्व. शंकर गुहा नियोगी की धर्मपत्नी श्रीमती आशादेवी गुहा नियोगी, स्व. लोचन प्रसाद की धर्मपत्नी श्रीमती कमला देवी एवं स्व. केजूराम की धर्मपत्नी श्रीमती शैलदेवी को शाॅल, श्रीफल भेंटकर सम्मान किया गया। इस अवसर पर कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों, छात्र-छात्राओं एवं आम नागरिकों के द्वारा देश के लोकतंत्र के प्रति अटूट आस्था व्यक्त करते हुए उनके समर्थन में तिरंगा रैली भी निकाली गई।




