शशिकांत सनसनी बालोद छत्तीसगढ़

अवैध प्लाटिंग करने वाले अनेतराम पिता मदन, महेंद्र पिता अजय कुमार एवं कमलेश जैन पिता फूलचंद के खिलाफ शिकायत के बाद भी नही हुई अभी तक कोई कार्यवाही इस पर नाराजगी जाहिर करते हुऐ शिवशंकर में मंगलवार को अधिकारियों के खिलाफ कलेक्ट्रेट बालोद में धरना देने की बात कही है और उन्होंने कहा है कि
नगर पंचायत लोहारा के अंतर्गत बड़े पैमाने पर अवैध प्लाटिंग का धंधा फल फूल रहा है जिससे शासन प्रशासन को राजस्व का लाखों करोड़ों का नुकसान हो रहा है अवैध प्लाटिंग करने वाले आदिवासियों की जमीन पर भी बड़े पैमाने पर लोहारा में अवैध प्लाटिंग कर कॉलोनी का निर्माण कर रहे है

नगर पंचायात लोहारा के अंतर्गत अवैध प्लाटिंग करने वाले श्री अनेतराम पिता मदन निवासी ग्राम भेड़ी के द्वारा मूल खसरा नंबर 147 के 50 से अधिक अवैध प्लाट, श्री महेंद्र पित्ता अजय कुमार निवासी ग्राम माडियाकट्टा के द्वारा मूल खसरा नंबर 125 के 50 से अधिक अवैध प्लाट एवं श्री कमलेश पिता मूलचंद निवासी लोहारा के द्वारा अवैध प्लाटिंग कर समता कॉलोनी नाम से अवैध कॉलोनी भी विकसित कर ली है, जिसमें भोले भाले आदिवासी समाज के लोगों ने अवैध प्लाटिंग करने
वाले के बहकावे में आकर प्लाट ले लिए एवं अपना आसियान भी बना लिए है, किंतु अभी तक कॉलोनी के नाम पर समता कॉलोनी बनाने वाले ने कॉलोनी में किसी तरह का विकास कार्य नहीं किए है और ना ही समता कॉलोनी के लिए मुख्य मार्ग से पहुंच मार्ग भी आधिकारिक रूप से नहीं दिए है, जिसके कारण समता कॉलोनी लोहारा के लोग अपने आप को लुटा हुआ महसूस कर रहे है उन्होंने माँग की थी कि
नगर पंचायत लोहारा के द्वारा भी मूल खसरा नंबर 125, 147 एवं अन्य खसरा नंबर में अवैध कॉलोनी होने के कारण किसी भी तरह का विकास कार्य सड़क, पानी, नाली, आदि का निर्माण नहीं किया जा समता कॉलोनी लोहारा के लोगों की परेशानियों को ले हुए तत्काल अवैध प्लाटिंग पर अवैध बसाने वाले अनेतराम पिता मदन निवासी भेड़ी, महेंद्र पिता अजय कुमार निवासी माडिय एवं कमलेश जैन पिता फूलचंद जैन निवासी लोहारा के खिलाफ FIR दर्ज करते हुए उनकी संपति कर्की कर मूल खसरा नंबर 125. मूल खसरा नंबर 147 एवं अन्य खसरा नंबर पर बसी समता कॉलोनी लोहारा का विकास करते हुए मुख्य मार्ग से आधिकारिक रूप से चौड़ा रास्ता दिलाते हुए वहां रहने वालो के साथ इंसाफ किया जाय
लेकिन अधिकारी कुंभकर्ण की नींद किशी अप्रिय घटना घटित होने का इंतजार में बैठे है शिकायत में
कार्यालयीन 7 दिवश के अंदर कार्यवही की मांग की गई थी




