एचआईवी सघन प्रचार-प्रसार अभियान: मनेंद्रगढ़ में सिविल अस्पताल से निकली भव्य रैली, CMHO डॉ. अविनाश खरे ने दिखाई हरी झंडी
एम.सी.बी. जिले में 12 सितंबर तक चलेगा एक माह का महाअभियान; ए.के. नर्सिंग कॉलेज के सैकड़ों छात्रों और स्वास्थ्य अमले ने शहर में फैलाया जागरूकता का संदेश

मनेंद्रगढ़ (जिला: मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर)
छत्तीसगढ़ शासन एवं लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के निर्देशानुसार संपूर्ण प्रदेश के साथ-साथ नवगठित मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एम.सी.बी.) जिले में भी एचआईवी/एड्स के प्रति जन-जागरूकता फैलाने और सामाजिक भ्रांतियों को दूर करने के उद्देश्य से ‘एचआईवी सघन प्रचार-प्रसार अभियान’ का आगाज हो चुका है। 12 अगस्त से प्रारंभ हुआ यह विशेष अभियान आगामी 12 सितंबर तक पूरे एक माह संचालित किया जाएगा।
इसी कड़ी में सोमवार, 17 अगस्त को सिविल अस्पताल मनेंद्रगढ़ के प्रांगण से एक विशाल और भव्य जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। रैली का शुभारंभ मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. अविनाश खरे ने हरी झंडी दिखाकर किया।
शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरी रैली, गूंजे जागरूकता के नारे
रैली सिविल अस्पताल परिसर से प्रारंभ होकर नगर के मुख्य चौराहों, व्यावसायिक क्षेत्रों और प्रमुख रिहाइशी इलाकों से गुजरती हुई वापस अस्पताल परिसर में समाप्त हुई। इस दौरान हाथों में जागरूकता संदेशों, नारों और सुरक्षात्मक उपायों से लिखी तख्तियां लिए युवाओं और स्वास्थ्य कर्मियों का उत्साह देखते ही बन रहा था। रैली का मुख्य उद्देश्य आमजनों को इस गंभीर बीमारी के प्रति सचेत करना, सुरक्षित व्यवहार अपनाने की प्रेरणा देना और पीड़ित व्यक्तियों के प्रति सामाजिक संवेदनशीलता विकसित करना था।
नर्सिंग छात्रों और मैदानी अमले ने झोंकी ताकत
अभियान की सफलता के लिए स्वास्थ्य विभाग के मैदानी अमले के साथ-साथ शैक्षणिक संस्थानों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। ए.के. नर्सिंग कॉलेज के सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने रैली में अनुशासित तरीके से पैदल मार्च करते हुए शहरवासियों को पर्चे बांटे और नारों के माध्यम से जागरूक किया। सिविल अस्पताल के डॉक्टरों, एएनएम, मितानिनों, नर्सिंग स्टाफ और प्रबंधकीय कर्मचारियों ने भी अपनी सक्रिय उपस्थिति दर्ज कराई।
कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख अधिकारी व विशेषज्ञ:
- डॉ. अविनाश खरे: मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO), जिला एम.सी.बी.
- डॉ. मो. वसीक अस्दक: जिला नोडल अधिकारी (एचआईवी/एड्स)
- डॉ. नम्रता चक्रवर्ती: वरिष्ठ चिकित्सा विशेषज्ञ
- शिशिर जायसवाल: जिला कार्यक्रम प्रबंधक (DPM)
- अवनीश पाण्डेय: जिला प्रबंधकीय अधिकारी
- निशा सिंह: परामर्शदाता, एकीकृत परामर्श एवं जांच केंद्र (ICTC)
भ्रांतियों को तोड़ना और अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना ही लक्ष्य: CMHO
रैली को रवाना करने के पश्चात पत्रकारों से विस्तृत चर्चा करते हुए CMHO डॉ. अविनाश खरे ने अभियान की बारीकियों और जिला स्तर पर की गई तैयारियों पर प्रकाश डाला।
डॉ. खरे ने कहा, “यह केवल एक औपचारिक या एक दिवसीय आयोजन नहीं है, बल्कि पूरे 30 दिनों का एक सघन मिशन है। एचआईवी/एड्स जैसी बीमारी से डरने, घबराने या इसे छिपाने की बिल्कुल आवश्यकता नहीं है, बल्कि सही समय पर सही जानकारी और सतर्कता ही इसका सबसे बड़ा बचाव है। आज भी समाज में इस बीमारी को लेकर कई तरह के भ्रम, झिझक और सामाजिक संकोच बने हुए हैं, जिसके कारण लोग जांच कराने से कतराते हैं। हमारा प्राथमिक लक्ष्य इसी हिचक को खत्म करना है।”
उन्होंने आगे बताया कि जिले के सभी सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में गुप्त और निशुल्क परामर्श के साथ-साथ मुफ्त जांच सुविधाएं उपलब्ध हैं। एआरटी (Anti-Retroviral Therapy) की दवाएं शासन द्वारा पूरी तरह नि:शुल्क दी जा रही हैं। विभाग की कोशिश है कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक इस सुरक्षा चक्र का लाभ पहुंचे ताकि एक एचआईवी-मुक्त जिले का निर्माण संभव हो सके।
ग्रामीण इलाकों तक पहुंचेगा अभियान: नोडल अधिकारी
अभियान की आगे की कार्ययोजना की जानकारी देते हुए नोडल अधिकारी डॉ. मो. वसीक अस्दक ने बताया कि शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ जिले के दूरस्थ और वनांचल ग्रामीण क्षेत्रों में भी व्यापक स्तर पर गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।
अभियान के तहत आयोजित होने वाली प्रमुख गतिविधियां:
- नुक्कड़ नाटक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम: ग्रामीण हाट-बाजारों और भीड़-भाड़ वाले स्थानों में लोक कलाकारों द्वारा संदेशात्मक नाटकों का मंचन।
- स्कूल-कॉलेजों में सेमिनार: युवाओं को जागरूक करने के लिए निबंध, चित्रकला और भाषण प्रतियोगिताओं का आयोजन।
- विशेष जांच व परामर्श शिविर: दूरदराज के क्षेत्रों में आईसीटीसी (ICTC) व एआरटी (ART) केंद्रों के माध्यम से मोबाइल वैन द्वारा निशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर।
सिविल अस्पताल की जन-अपील
सिविल अस्पताल प्रबंधन और स्वास्थ्य विभाग ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की भ्रांति या सामाजिक संकोच को त्यागकर निकटतम शासकीय स्वास्थ्य केंद्र, आईसीटीसी केंद्र में आएं, निशुल्क जांच कराएं और इस राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करें।






