स्वास्थ्य मंत्री जी, चश्मे की जरूरत आपको है, मुझे नहीं!” — पूर्व विधायक गुलाब कमरो का श्याम बिहारी जायसवाल पर तीखा हमला
श्रेय लेने की राजनीति पर कांग्रेस का कड़ा पलटवार; वनांचल के आदिवासियों पर मंत्री के बयान को बताया जनविरोधी व गैर-जिम्मेदाराना

| मनेन्द्रगढ़
मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (MCB) जिले में विकास कार्यों के श्रेय और प्रशासनिक फैसलों को लेकर राजनीतिक रार चरम पर पहुंच गई है। पूर्व विधायक गुलाब कमरो ने प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल द्वारा दिए गए बयानों पर कड़ा ऐतराज जताते हुए तीखा पलटवार किया है।
हालिया बयानों पर तंज कसते हुए कमरो ने कहा, “स्वास्थ्य मंत्री जी, चश्मे की जरूरत आपको है, मुझे नहीं! आपको धरातल पर हुए विकास कार्य और जनता की सहूलियत दिखाई नहीं दे रही है।” उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अगर पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने जनभावनाओं का सम्मान करते हुए मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर को नए जिले का दर्जा नहीं दिया होता, तो आज भाजपा सरकार और स्वास्थ्य मंत्री कलेक्टर कार्यालय के भूमिपूजन का फीता काटने और श्रेय लेने की स्थिति में भी नहीं होते।
15 वर्षों के भाजपा शासन पर उठाए गंभीर सवाल
पूर्व विधायक ने भाजपा के 15 साल के पिछले कार्यकाल पर सवाल दागते हुए कहा कि प्रदेश में लंबे समय तक भाजपा की सरकार रही और श्याम बिहारी जायसवाल स्वयं क्षेत्र से विधायक रहे। इसके बावजूद उस दौरान क्षेत्र की उपेक्षा की गई।
“अगर भाजपा की मंशा साफ होती, तो उनके 15 साल के शासनकाल में जिले का गठन क्यों नहीं हुआ? तब कलेक्टर कार्यालय का भूमिपूजन क्यों नहीं कराया गया? आज जब कांग्रेस ने जिला बनाकर आधारशिला रख दी, तब भाजपा केवल वाहवाही लूटने के लिए मैदान में उतर आई है।”
— गुलाब कमरो, पूर्व विधायक
सड़कों का श्रेय सांसद डॉ. चरणदास महंत की दूरदर्शिता को
भरतपुर और आसपास के दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों में चल रहे सड़क निर्माण कार्यों पर बोलते हुए गुलाब कमरो ने स्पष्ट किया कि जिन सड़कों को भाजपा सरकार अपनी उपलब्धि बता रही है, वह वास्तव में क्षेत्र की सांसद एवं नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत के सतत प्रयासों, पत्राचार और केंद्रीय व क्षेत्रीय स्तर पर की गई पहल का परिणाम हैं।
उन्होंने कहा कि जनता पूरी तरह जागरूक है और सब देख रही है—जिला कांग्रेस की सोच और निर्णय से बना, सड़कें सांसद के प्रयासों से मंजूर होकर आ रही हैं, और भाजपा केवल शिलान्यास पट्टिकाओं पर अपना नाम छपवाने की होड़ में लगी है।
“5 किलोमीटर और नहीं आ सकते?” — मंत्री के बयान पर जताया कड़ा आक्रोश
दूरस्थ वनांचल क्षेत्र के आदिवासियों और ग्रामीणों की दूरी संबंधी जायज समस्याओं पर स्वास्थ्य मंत्री की टिप्पणी—“इतना दूर आ सकते हैं तो 5 किलोमीटर और नहीं आ सकते क्या?”—को पूर्व विधायक ने बेहद गैर-जिम्मेदाराना और आहत करने वाला बताया।
कमरो ने कहा कि एक संवैधानिक और जिम्मेदार पद पर बैठे मंत्री के मुंह से ऐसी भाषा शोभा नहीं देती:
- आदिवासियों का अपमान: यह बयान साधन-विहीन ग्रामीणों और सीधे-सादे आदिवासी परिवारों की भौगोलिक व आर्थिक मजबूरियों का सीधा मजाक उड़ाने जैसा है।
- संवेदनहीनता का परिचय: वनांचल के लोग किन कठिन परिस्थितियों में सफर तय करते हैं, इसे समझने के बजाय मंत्री जी द्वारा ऐसा हल्का बयान देना उनके संवेदनहीन रवैये को दर्शाता है।
- जनता की आहत भावनाएं: इस प्रकार की टिप्पणी से दूरस्थ क्षेत्रों के निवासियों के स्वाभिमान को ठेस पहुंची है।
जनता समय पर देगी माकूल जवाब
पूर्व विधायक गुलाब कमरो ने अंत में कहा कि कांग्रेस हमेशा से वनांचल और आदिवासी समाज के अधिकारों, जल-जंगल-जमीन और प्रशासनिक सुगमता की लड़ाई लड़ती रही है। भाजपा चाहे कितना भी श्रेय लेने का प्रयास कर ले, लेकिन क्षेत्र की जनता यह भली-भांति जानती है कि किसने उनके हक के लिए काम किया है और कौन केवल बयानबाजी कर रहा है। आने वाले समय में जनता इस तरह की उपेक्षा और बयानबाजी का माकूल जवाब देगी।






