चिरमिरी जिला अस्पताल में सुदृढ़ हुईं स्वास्थ्य सेवाएं: विधायक व स्वास्थ्य मंत्री के प्रयासों से बढ़ा मरीजों का भरोसा सीएमएचओ डॉ. अविनाश खरे और अधीक्षक डॉ. राजेंद्र राय की निगरानी में सोनोग्राफी, डायलिसिस व डायबिटीज सेवाओं में उल्लेखनीय उपलब्धि

चिरमिरी जिला अस्पताल में सुदृढ़ हुईं स्वास्थ्य सेवाएं: विधायक व स्वास्थ्य मंत्री के प्रयासों से बढ़ा मरीजों का भरोसा

​सीएमएचओ डॉ. अविनाश खरे और अधीक्षक डॉ. राजेंद्र राय की निगरानी में सोनोग्राफी, डायलिसिस व डायबिटीज सेवाओं में उल्लेखनीय उपलब्धि

 | एमसीबी / चिरमिरी

नवीन जिले मनेन्द्रगढ़-भरतपुर-चिरमिरी (MCB) का जिला अस्पताल चिरमिरी लगातार अपनी स्वास्थ्य सेवाओं में विस्तार करते हुए अंचल के मरीजों के लिए एक भरोसेमंद और आधुनिक चिकित्सा केंद्र के रूप में उभर रहा है। स्थानीय विधायक एवं प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल की विशेष पहल और प्रयासों से अस्पताल में आधुनिक जांच सुविधाओं और विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है, जिसका सीधा लाभ अब कोरिया और एमसीबी जिले के आम नागरिकों को मिल रहा है।

​अस्पताल के प्रशासनिक तंत्र, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. अविनाश खरे के कुशल मार्गदर्शन और अस्पताल अधीक्षक डॉ. राजेंद्र राय की सतत निगरानी में अस्पताल की सेवाओं को गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध बनाया गया है।

​1243 से अधिक सोनोग्राफी जांचें संपन्न, गर्भवती महिलाओं को बड़ी राहत

​अस्पताल प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 1 अप्रैल 2025 से 24 जुलाई 2026 की अवधि में अस्पताल में कुल 1243 सोनोग्राफी जांचें सफलतापूर्वक संपन्न की गई हैं। इनमें से सबसे बड़ा हिस्सा गर्भवती महिलाओं की एएनसी (ANC) जांचों का रहा है, जिससे उन्हें निजी सेंटरों के चक्कर काटने और आर्थिक बोझ से मुक्ति मिली है।

सोनोग्राफी आंकड़ों का विवरण:

  • एएनसी (ANC) सोनोग्राफी (गर्भवती महिलाएं): 889
  • एब्डोमेन (Abdomen) सोनोग्राफी (पेट संबंधी): 354
  • नेक (Neck) सोनोग्राफी: 01
  • कुल सोनोग्राफी जांच: 1243

​विशेषज्ञ डॉक्टरों का उत्कृष्ट योगदान

​अस्पताल में पदस्थ डॉक्टरों की प्रतिबद्धता से यह बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है:

  • डॉ. प्रसंग श्रीवास्तव ने सर्वाधिक 354 एब्डोमेन सोनोग्राफी, 290 एएनसी सोनोग्राफी और 1 नेक सोनोग्राफी की।
  • डॉ. विद्याश्री तिवारी ने 599 एएनसी सोनोग्राफी कर गर्भवती महिलाओं को निरंतर परामर्श व जांच की सेवाएं प्रदान कीं।

​डायलिसिस और टाइप-1 डायबिटीज मरीजों का भी हो रहा समुचित इलाज

​सोनोग्राफी के अलावा जिला अस्पताल चिरमिरी में गंभीर और पुरानी बीमारियों के इलाज के लिए भी बेहतर व्यवस्थाएं स्थापित की गई हैं:

  • डायलिसिस केंद्र: गुर्दे की बीमारी से पीड़ित मरीजों के लिए अस्पताल में 7 मरीजों का पंजीयन किया गया है। अब तक सफलतापूर्वक 29 डायलिसिस सत्र (Dialysis Sessions) संपन्न कराए जा चुके हैं, जिससे मरीजों को बिलासपुर या रायपुर जाने की आवश्यकता नहीं पड़ रही है।
  • टाइप-1 डायबिटीज क्लीनिक: बच्चों और युवाओं में पाई जाने वाली टाइप-1 डायबिटीज के लिए अस्पताल में वर्तमान में 11 मरीज पंजीकृत हैं, जिनमें से 9 मरीजों को नियमित रूप से इंसुलिन व आवश्यक उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है।

​स्वास्थ्य मंत्री की मंशा के अनुरूप हो रहा स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार

​स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के प्रयासों से जिला अस्पताल में लगातार डॉक्टरों की उपस्थिति, जांच मशीनों की उपलब्धता और जीवनरक्षक दवाओं की आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।

अस्पताल प्रशासन का संदेश:

“सीएमएचओ डॉ. अविनाश खरे के प्रशासनिक नेतृत्व और अधीक्षक डॉ. राजेंद्र राय की प्रभावी मॉनिटरिंग से अस्पताल का माहौल और कार्यप्रणाली दोनों बदले हैं। हमारा उद्देश्य क्षेत्र के अंतिम व्यक्ति तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है। आने वाले समय में कुछ और नई जांच सुविधाओं को शुरू करने की योजना पर काम जारी है।”

 

संपादकीय नोट: चिरमिरी जिला अस्पताल में बेहतर होती सुविधाएं इस बात का प्रमाण हैं कि यदि प्रशासनिक इच्छाशक्ति और जनप्रतिनिधियों का सहयोग हो, तो सरकारी अस्पताल भी निजी अस्पतालों से बेहतर सेवा दे सकते हैं।

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