* 500 रुपये सिलेंडर देने का वादा भूली सरकार, गैस की बढ़ती कीमतों पर ऋषि शास्त्री का सवाल…
* गैस की बढ़ती कीमतों से बिगड़ा घर का बजट, राहत देने में सरकार नाकाम : ऋषि शास्त्री…
राजनांदगांव। कांग्रेस के युवा नेता एवं पूर्व पार्षद ऋषि शास्त्री ने रसोई गैस की बढ़ती कीमतों और सिलेंडर की उपलब्धता को लेकर केंद्र और छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है।
उन्होंने कहा कि आज हालात ऐसे बन गए हैं कि दिल्ली के सदन से नरेंद्र गायब हैं और आम आदमी की रसोई से गैस सिलेंडर गायब होता जा रहा है।
शास्त्री ने कहा कि यदि कहीं सिलेंडर मिल भी रहा है तो उसकी कीमत इतनी अधिक हो चुकी है कि आम परिवार के लिए उसे खरीदना मुश्किल होता जा रहा है।
उन्होंने याद दिलाया कि भाजपा ने चुनाव के समय 500 रुपये में गैस सिलेंडर देने का वादा किया था, लेकिन आज हकीकत इसके बिल्कुल उलट नजर आ रही है। आम उपभोक्ताओं को सिलेंडर के लिए भटकना पड़ रहा है और कई जगहों पर कमी की शिकायतें सामने आ रही हैं।
उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ के कई शहरों में घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत लगभग ₹950 से ₹1001 के बीच पहुंच चुकी है,पिछले एक वर्ष में गैस सिलेंडर के दामों में लगातार बढ़ोतरी ने आम परिवारों के रसोई बजट पर अतिरिक्त बोझ डाल दिया है। कई स्थानों पर वितरण, बुकिंग से जुड़ी समस्याओं और कालाबाज़ारी की शिकायतें भी सामने आई हैं।

ऋषि शास्त्री ने कहा कि जहां सिलेंडर उपलब्ध है, वहां भी महंगे दामों के साथ तरह-तरह के नियम और शर्तों में लोगों को उलझाया जा रहा है। इससे स्पष्ट है कि सरकार की प्राथमिकता जनता को राहत देना नहीं, बल्कि अपने वादों को भुला देना बन गई है।
उन्होंने कहा कि आज महंगाई ने आम आदमी की कमर तोड़ दी है। रसोई गैस, पेट्रोल-डीजल और रोजमर्रा की जरूरत की वस्तुओं के बढ़ते दामों ने हर घर का बजट बिगाड़ दिया है, लेकिन केंद्र और राज्य की भाजपा सरकारें जनता की परेशानियों पर मौन साधे बैठी हैं।
श्री शास्त्री ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों का हवाला देकर सरकार अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकती। सरकार का काम जनता को राहत देना है, न कि महंगाई का पूरा बोझ सीधे आम लोगों की रसोई पर डाल देना।
अंत में उन्होंने मांग की कि केंद्र और राज्य सरकार रसोई गैस सिलेंडरों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करे, अनावश्यक नियम-शर्तों को समाप्त करे और आम जनता को सस्ती दरों पर गैस उपलब्ध कराए, ताकि महंगाई से परेशान परिवारों को राहत मिल सके।




