राजनांदगांव : जिला भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा के जिलाध्यक्ष शिव वर्मा ने कहा कि मोदी सरकार के 9 साल 9 बड़े फैसले ने देश के करोड़ों लोगों का दिल जीता है। नरेंद्र मोदी की अगुवाई में केंद्र सरकार ने 9 साल पूरे कर लिए हैं। मोदी ने 26 मई 2014 को पीएम के रूप में शपथ ली थी। कांग्रेस के नेतृत्व में विपक्षी एकजुटता के सामने अब साल 2024 में पीएम मोदी के सामने हैट्रिक लगाने की चुनौती है। केंद्र में पीएम मोदी ने नेतृत्व में एनडीए सरकार के 9 साल पूरे हो गए हैं।
इस वर्षों में सरकार ने कई ऐसे मुकाम हासिल किए। ये फैसले नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार के लिए गेमचेंजर साबित हुए। ऐसे में नजर डालते हैं मोदी सरकार के कुछ बड़े फैसलों को बारे में। कैसे इन फैसलों ने लोगों के बीच पीएम मोदी के साथ बीजेपी का लोगों के बीच भरोसा बढ़ाया। ऐसे में दो बार के कार्यकाल के बाद पीएम मोदी के सामने साल 2024 में आम चुनाव में हैट्रिक लगाने पर फोकस होगा।
श्री वर्मा ने आगे कहा कि मोदी सरकार ने अपने दो साल के कार्यकाल कई बड़े फैसले किए। इन फैसलों से उनकी सरकार की छवि मजबूत बनाई। 2014 में सता में आने के बाद सरकार ने नियमित अंतराल पर साफ संदेश दिया कि वह किसी भी तरह के फैसले लेने में नहीं हिचकेगी। आम लोगों के बीच मोदी और उनकी सरकार की लोकप्रियता के पीछे ये सबसे अहम फैक्टर बना। इसकी शुरुआत पहले कार्यकाल में नोटबंदी का फैसला था। इसके बाद सरकार ने आतंकवादियों के ठिकानों पर हमला किया।
कोरोना महामारी के दौरान सरकार ने सख्त लॉकडाउन का फैसला किया। लोगों ने सरकार के फैसले लेने की तरीकों को पसंद किया। सरकार ने जम्मू-कश्मीर से धारा 370 को हटाने जैसे फैसले भी किया। इससे साबित हुआ कि सरकार मजबूत फैसला लेने से पीछे नहीं हटेगी। पीएम मोदी बीते 9 साल में लोगों से जुड़ने के लिए नई संवाद शैली अपनाई। साल 2014 से ही उन्होंने लोगों के बीच अधिक से अधिक पहुंचने की परंपरा शुरू की।
9 साल पूरा होने के बावजूद यह सिलसिला जारी। सरकार के 9 साल पूरा होने पर अब बीजेपी के नेता 51 रैलियां करेंगे। इनमें पीएम की भी कुछ रैलियां शामिल हैं। इन चीजों ने मोदी को ऐसा प्रतिनिधि बनाया जो उनके जैसा ही सोचता है, उनके सुख-दुख का ख्याल मन की बात रखता है। मन की बात जैसे कार्यक्रम भी आम लोगों से सीधे संवाद का नया जरिया बना। 2014 के बाद एक बड़ा फैक्टर जो सामने आया और जो पीएम मोदी की मजबूती और सरकार की लोकप्रियता का बड़ा कारण बना वह था ग्लोबल स्तर पर इस बात को स्थापित करना कि भारत की ताकत बढ़ी है। विदेशों की /e कोरोना में पूरी दुनिया में टीका भेजने पहल। इससे पीएम की ग्लोबल इमेज उभरी। तमाम सर्वे में यह बात उभर कर आई कि मोदी सबसे ताकतवर ग्लोबल लीडर में से एक हैं।





