गरियाबंद, 31 जुलाई। विशेष पिछड़ी जनजाति (PVTGs) समाज के प्रतिनिधियों एवं अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नाम कलेक्टर गरियाबंद के माध्यम से ज्ञापन सौंपकर वर्ष 2026 की सहायक शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में पूर्व की भांति आरक्षण एवं विशेष प्रावधान लागू करने की मांग की है।
ज्ञापन में कहा गया है कि छत्तीसगढ़ की विशेष पिछड़ी जनजातियों—पहाड़ी कोरवा, बैगा,कमार,अबूझमाड़िया, बिरहोर,भुंजिया एवं पंडो—के अभ्यर्थी आर्थिक, सामाजिक एवं शैक्षणिक दृष्टि से अत्यंत पिछड़े हैं। पूर्व की सहायक शिक्षक भर्तियों में इन वर्गों के लिये विशेष प्रावधान किये गये थे, लेकिन वर्ष 2026 की भर्ती प्रक्रिया में उनका उल्लेख नहीं होने से पीवीटीजी अभ्यर्थी भर्ती से वंचित हो रहे हैं।

समाज के प्रतिनिधियों ने बताया कि वर्तमान ऑनलाइन आवेदन पत्र में पीवीटीजी अभ्यर्थियों के लिये पृथक विकल्प उपलब्ध नहीं कराया गया है। साथ ही पूर्व की भर्तियों की तरह अनुसूचित जनजाति (एसटी) वर्ग के 20 प्रतिशत पद पीवीटीजी अभ्यर्थियों के लिये आरक्षित करने तथा टीईटी, डीएलएड एवं बीएड जैसी शैक्षणिक योग्यताओं में पूर्ववत छूट का भी प्रावधान नहीं किया गया है।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि पूर्व में भर्ती हुये लगभग 400 से 500 पीवीटीजी सहायक शिक्षक 12वीं कक्षा में 45 प्रतिशत से कम अंक होने के कारण डीएलएड/बीएड की पात्रता प्राप्त नहीं कर पा रहे हैं, जिससे उनके नियमितीकरण में कठिनाइयाँ आ रही हैं। वहीं, कुछ अभ्यर्थियों ने डीएलएड पूर्ण कर लिया है, लेकिन 12वीं में निर्धारित अंकों के अभाव में उन्हें अभी भी अप्रशिक्षित श्रेणी में रखा गया है।
समाज ने मुख्यमंत्री से पांच प्रमुख मांगें रखते हुये सहायक शिक्षक भर्ती 2026 के आवेदन पत्र में पीवीटीजी के लिये पृथक विकल्प जोड़ने, एसटी वर्ग के 20 प्रतिशत पद पीवीटीजी अभ्यर्थियों के लिये आरक्षित करने, टीईटी, डीएलएड एवं बीएड की योग्यता में पूर्ववत छूट बहाल करने, पूर्व में नियुक्त पीवीटीजी शिक्षकों के लिये विभागीय डीएलएड की व्यवस्था करने तथा डीएलएड पूर्ण कर चुके पात्र अभ्यर्थियों को प्रशिक्षित श्रेणी का लाभ प्रदान करने की मांग की है।
समाज ने सरकार से पीवीटीजी वर्ग के हितों को ध्यान में रखते हुए मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने का आग्रह किया है।





