गरियाबंद/देवभोग : पीडब्ल्यूडी इंजिनियर एसडीओ के लगातार सख़्त निर्देश के बाबजूद सुपेबेडा पहुंच मार्ग पर निर्माण पुलिया कछुए के चाल पर निर्माण किया जा रहा है। इसके अलावा प्रावधान का भी ख्याल नही रखने का आरोप लगाते सीएम भुपेश बघेल से शिकायत करने की बात ग्रामीणों द्वारा कही जा रही है। जानकारी अनुसार देवभोग ब्लॉक सुपेबेडा मार्ग में क़रीब 1 करोड़ 51 लाख की लागत से पिछले 1 साल से बनाया जा रहा हैं। लेकिन एक साल के कार्य अनुसार बिल्कुल भी प्रगति नही है।
इसके अलावा शुरुवाती में जिस तरह घुटने भर पानी में बड़े बड़े बोल्डर डालकर हल्का मटेरियल से पाट दिया जाता रहा आज भी उसी तरह लाफरवाही देखने को मिल रहा है। जिसे देख ग्रामीण समय से पहले यह पुल क्षतिग्रस्त होने की पूरी संभावना बयां कर रहे हैं। शायद यही वजह है। मांकीगुड़ा दहिगांव कोसमकानी झिरिपानी डुमरबहल सहित कई गांव के लोगो मे नाराजगी जाहिर करते मुख्यमंत्री से शिकायत की रणनीति बना रहे हैं। क्योंकि बरसात के दिनो प्रसव महिला स्कूली बच्चे से लेकर आम लोगो को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
ऐसे मे अधिक मुनाफा कमाने के लिए गुणवता से समझौता कर डेढ़ करोड़ की पुल निमार्ण कर रहे है। ग्रामीणों का कहना है की ठेकेदार द्वारा पैसा बचाने के चक्कर में नाला के नीचे बड़े बड़े पत्थर को तोड़ पुल निर्माण में इस्तेमाल किया है। और अब वहा के छोटे छोटे पत्थर को क्रेशर गिट्टी में मिलाकर डाला जा रहा है। वह भी उस स्तिथि में जब नीचे पानी जमा होता है। इससे मटेरियल की मजबूती किस तरह आ सकती हैं।
अधिकारीयों के मौजूदगी तक तो ठीक ठाक मटेरियल उपयोग करते हैं लेकिन जब अधिकारी निकल जाते तो मनमर्जी अनुसार पुलिया निर्माण को अंजाम देने मे पीछे नहीं होते जबकि इस पुल से काफी हेवी वाहन के साथ रोजाना सैकडो लोगो का आवागमन होगा फिर भी ठेकेदार द्वारा गुणवत्ता से समझौता कर लाफरवाही बरतना समझ से परे है हालांकि बीच बीच मे साइड इंचार्ज एवम एसडीओ द्वारा निरीक्षण कर गुणवत्ता के लिए सख्त हिदायत दिया जाता है लेकिन वह हिदायत ठेकेदार के लिए मात्र फॉर्मेलिटी नजर आ रही है




