पूजा साहू upsc के टापर है जो मगरलोड से हैं उन्होंने अपने अनुभव साझा किए।
मेरे गांव में इंटरनेट नहीं है। कवरेज में आने के लिए छत पर जाना होता है।
गांव में 70 प्रतिशत आबादी है। हम सलेक्ट नहीं होंगे तो कौन होगा।
प्रेरणा के लिए आपको मसूरी अकादमी जाने की जरूरत नही, आप स्वतः प्रेरित होकर इसे कर सकते हैं।
पहली दो बार प्रीलिम्स नहीं हुआ। फिर गलती तीसरे प्रयास में सुधारी। किताब बार- बार पढ़ी। यह सबसे जरूरी है। जितना मॉक देंगे, उतना अच्छा है।
अपने परिवेश को observe करिए। ये मैंने माँ से सीखा। इससे मुझे बहुत हेल्प मिली।
मैंस में गुणवत्ता बहुत जरूरी है। स्पीड भी मेंटेन करना जरूरी है।
मैंने इंजीनियरिंग की पढ़ाई की। फिर आर्ट्स के सब्जेक्ट पढ़े। चेंज से डरिये मत। इंटरनेट का अच्छा यूज़ कीजिये।
मेरी हॉबी मूवी देखना थी। उस पर अच्छी तैयारी की।
ब्रेक लेकर पढ़ाई करें। टारगेट बनाये और पढ़ें।
नेगेटिव लोगों से दूर रहें। पॉजिटिव सोचें। किसी को मंजिल जल्दी मिलती है। किसी को देर से। चलते रहें तो सबको सफलता मिलेगी।
जब कलेक्टर सर ने पूछा कि जब पहले दो प्रयास सफल नही हुए तो कैसे अपने को संभाला। पूजा ने कहा कि गीता के निष्काम कर्म का संदेश मेरे अभिभावकों ने बताया, इसे ही फॉलो किया।
3 साल सोशल मीडिया से दूर रही। इसका लाभ मिला।





