✍️जिला संवाददाता विक्रम कुमार नागेश की रिपोर्ट गरियाबंद

अमलीपदर-गरियाबंद जिले के कांदाडोंगर अंचल के सुप्रसिद्ध माँ शारदा जसगीत मंडली अमलीपदर द्वारा प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी नवरात्रि पर्व के पावन अवसर पर देवी मंदिरों एवं आस-पास के गांवों में आमंत्रण पर देवी जसगीत गायन,माता सेवा का कार्यक्रम निरन्तर किया जा रहा है!बताया जाता है कि नवरात्रि पर्व में देवी जसगीत गायन का विशेष महत्व होता है!क्योंकि माता सेवा मंडली के सेवकों द्वारा नौ दिन तक निरंतर देवी माता के विभिन्न स्वरूपों का अनेक रसों मे वर्णन कर उनका जस गायन किया जाता है!जिससे देवी माँ अधिक प्रसन्न होती हैं!माता सेवा मंडली के कलाकार माता सेवा करके नौ दिन तक सबके मनोकामना की पूर्ति एवं क्षेत्र के सुखशांति के लिए प्रार्थना करते हैं!ज्ञात हो कि माँ शारदा जसगीत मंडली अमलीपदर के सेवा कारियों द्वारा इस वर्ष भी कांदाडोंगर अंचल के कई गांवों में जस गायन किया जा रहा है!जिससे अंचल में हमेशा कि तरह भक्तिमय वातावरण बना हुआ है!जसगीत गायन में प्रमुखरूप से मंडली के संरक्षक श्री प्रेमराव वाघे,संचालक मंडल से राज्यपाल पुरस्कृत शिक्षक गीतकार उमेश श्रीवास, शिक्षादूत पुरस्कार से पुरस्कृत शिक्षकश्री अवतार सिन्हा,ललित प्रधान,उत्तम सोनवानी,शिक्षक जितेंद्र कुमार साहू,जयराम यादव,अरविंद सिन्हा,प्रकाश प्रधान,जीवन यादव,निखिल त्रिपाठी,चंद्रकांता महंती,उमा मरकाम,गायत्री निषाद,प्रतिभा यादव,राखी सिन्हा,तारिणी महंती,अनीता साहू,आदि शामिल हैं!




