गरियाबंद : हमारा प्रदेश छत्तीसगढ़ पूरे देश में अपनी विभिन्न लोककला, संस्कृति, स्थानीय तीज त्यौहार तथा मेला मड़ाई के आयोजन की वज़ह से जाना और पहचाना जाता है। वर्ष भर अलग-अलग मौसम में विभिन्न तीज त्योहारों व सांस्कृतिक आयोजनों पर स्थानीय लोगों का उत्साह बना रहता है।
ग्रामीण क्षेत्रों में फसल कटाई और मिजाई के बाद गांव-गांव में मड़ाई-मेला आयोजन कर पर्व के रूप में मनाने की परंपरा रही है। किन्तु पिछले दो तीन वर्षों से कोरोना के कारण स्थानीय सामाजिक व सांस्कृतिक गतिविधियों पर रोक लगी हुई थी। करीब चार वर्षों बाद जिला मुख्यालय गरियाबंद के निकट ग्राम मालगांव में 4 जनवरी दिन बुधवार को मड़ाई मेला का आयोजन रखा गया है।
मालगांव मड़ाई – मेला समिति के कोषाध्यक्ष भीम निषाद ने बताया कि कोरोना महामारी के कारण हमारे ग्राम मालगांव में 4 साल तक मड़ई-मेला का आयोजन नहीं हुआ था ,किन्तु अब 4 जनवरी को इसका आयोजन किया जा रहा है।





