भारत दुनिया का सबसे युवा देश – प्रेम कुमार

रिपोर्ट – अनमोल कुमार

पटना। अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर प्रेम यूथ फाउंडेशन की ओर से “राष्ट्र के पुनर्निर्माण में युवाओं की भूमिका” विषय पर संगोष्ठी का आयोजन फाउंडेशन सभागार में किया गया।

कार्यक्रम का उद्घाटन फाउंडेशन के संस्थापक, गांधीवादी प्रेम जी ने स्वामी विवेकानंद के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया।

युवा ही राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति

अपने संबोधन में प्रेम जी ने कहा कि भारत दुनिया का सबसे युवा देश है, और किसी भी राष्ट्र की असली शक्ति उसके सक्षम और सामर्थ्यवान नौजवान होते हैं। आज के युवा शिक्षा इसलिए प्राप्त करते हैं ताकि उन्हें अच्छी नौकरी मिले और भोग-परक जीवन जीने का अवसर प्राप्त हो। लेकिन असफलता मिलने पर कई बार वे अवैध तरीके से धन कमाने की चेष्टा करते हैं, जो उनके जीवन में जहर घोल देता है।

उन्होंने बेरोजगारी को आज की युवा पीढ़ी का सबसे बड़ा संकट बताते हुए स्वामी विवेकानंद का उद्धरण दोहराया—“उठो, जागो और तब तक मत रुको जब तक लक्ष्य की प्राप्ति न हो जाए।” उन्होंने कहा कि मजबूत शरीर में ही मजबूत मस्तिष्क का विकास होता है और इसी से समाज व राष्ट्र का कल्याण संभव है।

फाउंडेशन युवाओं के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध
फाउंडेशन के प्रोग्राम ऑफिसर ऋतिक राज वर्मा ने बताया कि संस्था तीन दशक से युवाओं के सर्वांगीण विकास के लिए प्रयत्नशील है। यह गांव-देहात के युवाओं को देश-दुनिया को जानने-समझने और अपनी प्रतिभा निखारने का अवसर देती है। सामाजिक दायित्व के तहत असहायों को हरसंभव सहायता पहुंचाना भी संस्था की प्राथमिकता है।

अन्य वक्ताओं के विचार
संगोष्ठी में सुनील कुमार, पंकज कुमार, विकाश कुमार, भोला कुमार और रंजन कुमार ने भी युवाओं के चरित्र निर्माण और समाज में सकारात्मक योगदान पर अपने विचार रखे।

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