रायपुर : मेसर्स अरिहंत स्टील नारायणपुर, जिला नारायणपुर के व्यवसाय स्थल पर स्टेट जीएसटी (GST) विभाग जगदलपुर द्वारा जांच की कार्रवाई की गई है। जब मौके में जांच टीम पहुंची तो, देखा कि उनके व्यवसाय स्थल पर व्यवसाय से संबंधित कोई भी लेखा पुस्तक या सॉफ्टवेयर जैसे कि, टैली का संधारण नहीं पाया गया, जबकि जीएसटी (GST) के प्रावधानों के अनुरूप व्यवसाय स्थल पर समस्त लेखा पुस्तकें रखा जाना अनिवार्य है।
व्यवसायी ने बताया कि, समस्त बिल, कर सलाहकार के द्वारा जारी किया जाता है। इस कारण कर अपवंचन की संभावना और भी प्रबल हो गई। जांच में पाया गया कि वर्ष 2021-22 से वर्ष 2024-25 तक कुल टर्न ओव्हर लगभग 16 करोड़ रुपये से अधिक किन्तु उस पर कर का नगद भुगतान मात्र 43 हजार रुपये वर्तमान अवधि तक किया गया है।
साथ ही साथ जब ई-वे बिल का जांच किया गया तो, पता चला कि वर्ष 2021-22 से वर्ष 2024-25 तक माल की खरीदी 8.21 करोड़ रुपये की गई किंतु माल की सप्लाई के लिए कोई ई-वे बिल जारी नहीं किया गया। जिससे यह पता चलता है कि, माल का विक्रय आम उपभोक्ता को किया गया है किन्तु बिल को अन्य व्यवसायियों को बेचकर बोगस इनपुट टैक्स का लाभ दिया गया है, जिससे कि, केंद्र सरकार और राज्य सरकार को कर राजस्व की अत्यधिक हानि हुई है।
जांच के दौरान व्यवसायी ने अपनी गलती/त्रुटि स्वीकार करते हुए स्वैच्छिक रूप से 10 लाख रुपये का कर भुगतान करने की मंशा जाहिर की, किंतु जीएसटी (GST) विभाग के अधिकारियों ने व्यवसाय स्थल पर उपलब्ध स्टॉक की मात्रा (अनुमानित कीमत 90 लाख रुपये) के समर्थन में व्यवसायी से लेखा पुस्तकें एवं अन्य दस्तावेज प्रस्तुत करने की मांग की। व्यवसायी की ओर से कोई भी जानकारी एवं दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया गया। व्यवसायी ने अपने परिचित कुछ मीडियाकर्मियों एवं व्यवसायियों को एकत्रित कर जांच टीम पर दबाव डालने का प्रयास किया गया। व्यवसायी के असहयोगात्मक रवैये एवं कर अपवंचन की विस्तृत जांच के लिए स्थानीय पुलिस की उपस्थिति में आगामी कार्रवाई तक व्यवसाय स्थल सील बंद किया गया है।
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