रिपोर्ट अनमोल कुमार

गयाजी। चाणक्यपुरी स्थित मदर प्राइड स्कूल परिसर में शैक्षणिक सत्र 2025–26 के अंतर्गत विज्ञान, कला एवं शिल्प प्रदर्शनी का भव्य, सृजनात्मक एवं प्रेरणादायक आयोजन किया गया। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने अपनी वैज्ञानिक सोच, रचनात्मक प्रतिभा एवं नवाचार क्षमता का उत्कृष्ट प्रदर्शन कर उपस्थित अतिथियों, अभिभावकों एवं दर्शकों को अत्यंत प्रभावित किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के निदेशक विनीत कुमार के प्रेरक उद्बोधन से हुआ। अपने संबोधन में उन्होंने कहा—
“विज्ञान एवं कला प्रदर्शनी विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास का सशक्त माध्यम है। इससे बच्चों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, आत्मविश्वास, रचनात्मक सोच एवं समस्या-समाधान की क्षमता विकसित होती है। मदर प्राइड स्कूल का उद्देश्य केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित न रहकर विद्यार्थियों को व्यावहारिक, जीवनोपयोगी एवं मूल्य-आधारित शिक्षा प्रदान करना है।”
इस अवसर पर उद्घाटनकर्ता डॉ. शशि प्रताप शाही, कुलपति, मगध विश्वविद्यालय ने विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा—
“आज के ये विद्यार्थी ही आने वाले कल के वैज्ञानिक, अभियंता, शोधकर्ता एवं नवप्रवर्तक हैं। इस प्रकार के शैक्षणिक मंच बच्चों को अपनी प्रतिभा निखारने तथा भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।”
मुख्य अतिथि बिहार सरकार के पूर्व विज्ञान एवं प्राद्यौगिकी मंत्री डॉ. अनिल कुमार ने बच्चों की रचनात्मकता की प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से विद्यार्थियों में आत्मविश्वास एवं नवाचार की भावना विकसित होती है।
विशिष्ट अतिथि प्रो. रंजीत वर्मा, पूर्व कुलपति, मुंगेर विश्वविद्यालय और अध्यक्ष भारतीय रसायनज्ञ परिषद् ने प्रदर्शनी की सराहना करते हुए कहा—
“प्रदर्शित मॉडल विद्यार्थियों की गहरी सोच, अनुशासन, टीमवर्क एवं शिक्षकों के कुशल मार्गदर्शन का उत्कृष्ट उदाहरण हैं।”
इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि आरम्भिक प्ले हाउस के सचिव कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रजनीश कुमार झुन्ना ने भी विद्यार्थियों की मेहनत, रचनात्मकता एवं उनकी प्रभावशाली प्रस्तुति की मुक्तकंठ से प्रशंसा की और ऐसे आयोजनों को विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए अत्यंत आवश्यक बताया।
विद्यालय के प्रधानाचार्य मध्यमेश्वर सिंह ने शिक्षकों के समर्पण एवं विद्यार्थियों की मेहनत की सराहना करते हुए कहा—
“प्रदर्शनी में प्रस्तुत प्रत्येक मॉडल विद्यार्थियों की कल्पनाशीलता, परिश्रम और सीखने की ललक का सजीव प्रमाण है।”
वहीं उप-प्रधानाचार्य विकास जय आनंद ने सफल आयोजन के लिए सभी शिक्षकों, विद्यार्थियों एवं सहयोगी स्टाफ को हार्दिक बधाई दी।मौके पर समाजसेवी, अनमोल कुमार भी मौजूद थे।
प्रदर्शनी में प्रस्तुत राडार सिस्टम, AI रोबोट, ऊर्जा-दक्ष स्मार्ट सिटी, AI-पावर्ड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम, रेन वॉटर हार्वेस्टिंग, सोलर एनर्जी सिस्टम, भूकंप-रोधी भवन, वेस्ट-टू-इलेक्ट्रिसिटी जनरेटर, ग्रीन सिटी तथा मानव श्वसन तंत्र जैसे विज्ञान मॉडल दर्शकों के आकर्षण का केंद्र रहे। विद्यार्थियों ने इन मॉडलों को पूरे आत्मविश्वास के साथ समझाया।
कला एवं शिल्प अनुभाग में मधुबनी पेंटिंग, लिप्पन आर्ट, राम सेतु, इंडिया गेट, रेड फोर्ट, स्ट्रिंग आर्ट एवं गार्डन मॉडल ने दर्शकों का मन मोह लिया और बच्चों की कलात्मक प्रतिभा को उजागर किया।
प्रदर्शनी के दौरान उपस्थित अभिभावकों ने बच्चों की प्रस्तुति शैली, विषय की गहरी समझ एवं आत्मविश्वास की मुक्तकंठ से सराहना करते हुए विद्यालय के शैक्षणिक प्रयासों की भूरि-भूरि प्रशंसा की।
कार्यक्रम के अंत में निदेशक द्वारा अतिथियों को अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया। विद्यार्थियों ने पुष्प-गुच्छ एवं स्वागत गान के माध्यम से अतिथियों का भावपूर्ण अभिनंदन किया।




