गोंडवाना मरीन फॉसिल पार्क को मिला ‘नेक्सस ऑफ गुड’ पुरस्कार 2025

नई दिल्ली/मनेन्द्रगढ़। छत्तीसगढ़ के मनेन्द्रगढ़ स्थित गोंडवाना मरीन फॉसिल पार्क को राष्ट्रीय स्तर पर एक बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। पार्क को पर्यावरण संरक्षण और सामुदायिक सहभागिता के उत्कृष्ट कार्यों के लिए प्रतिष्ठित “नेक्सस ऑफ गुड” पुरस्कार 2025 से सम्मानित किया गया है। यह पुरस्कार नई दिल्ली में आयोजित एक समारोह में प्रदान किया गया।

पूर्व कैबिनेट सचिव के हाथों मिला सम्मान
यह गौरवशाली पुरस्कार भारत के पूर्व कैबिनेट सचिव, श्री बी.के. चतुर्वेदी सर के हाथों प्रदान किया गया। मनेन्द्रगढ़ वनमंडल की ओर से, वनाधिकारी (DFO) श्री मनीषकश्यप ने यह सम्मान ग्रहण किया।
श्री कश्यप ने पुरस्कार प्राप्त करने के बाद कहा, “यह सम्मान मनेन्द्रगढ़ वन विभाग की पूरी टीम और स्थानीय समुदाय के प्रयासों का प्रतिफल है। गोंडवाना मरीन फॉसिल पार्क लाखों साल पुराने समुद्री जीवाश्मों का एक अनूठा खजाना है। हमारा उद्देश्य इस अमूल्य धरोहर को न केवल संरक्षित करना है, बल्कि इसे शिक्षा और पर्यटन के केंद्र के रूप में विकसित करना भी है। यह पुरस्कार हमें इस दिशा में और अधिक उत्साह से काम करने के लिए प्रेरित करेगा।”
🌍 गोंडवाना फॉसिल पार्क: क्यों है खास?
गोंडवाना मरीन फॉसिल पार्क लगभग 25 करोड़ वर्ष पुराने समुद्री जीवाश्मों (Marine Fossils) के लिए विख्यात है। यह छत्तीसगढ़ में एक दुर्लभ भूवैज्ञानिक स्थल है, जो पृथ्वी के इतिहास की महत्वपूर्ण जानकारी देता है। पार्क के संरक्षण और विकास में स्थानीय लोगों की सक्रिय भागीदारी, पर्यावरण अनुकूल पहल और शिक्षा को बढ़ावा देने के प्रयासों को ‘नेक्सस ऑफ गुड’ पुरस्कार ने विशेष रूप से सराहा है।
यह पुरस्कार इस बात को दर्शाता है कि वन विभाग और स्थानीय प्रशासन ने मिलकर किस तरह एक वैज्ञानिक धरोहर को सफलतापूर्वक संरक्षित किया है, जिससे क्षेत्र में पर्यावरण पर्यटन को भी बढ़ावा मिल रहा है।
डीएफओ मनीषकश्यप के नेतृत्व की सराहना
DFO श्री मनीषकश्यप के नेतृत्व में, वन विभाग ने पार्क के जीर्णोद्धार, सुरक्षा और जागरूकता कार्यक्रमों में महत्वपूर्ण प्रगति की है। “नेक्सस ऑफ गुड” पुरस्कार ऐसे व्यक्तियों और संस्थानों को दिया जाता है, जो ‘भलाई के गठजोड़’ (Nexus of Good) की अवधारणा पर काम करते हुए, प्रशासनिक कार्यों में नैतिकता, पारदर्शिता और जनहित को प्राथमिकता देते हैं।




