Cg24News-R :- उपकेंद्र रसमड़ा से उपकेंद्र सेमरिया (लिटिया) तक प्रस्तावित 132/33 के.व्ही. विद्युत पारेषण लाइन के अंतर्गत किसानों की निजी भूमि में बिना पूर्व सूचना, बिना सहमति एवं बिना मुआवजा निर्धारण के किए जा रहे टावर बेस निर्माण कार्य के विरोध में दुर्ग एवं धमधा क्षेत्र के किसानों ने जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधि का ध्यान आकृष्ट कराया है।
किसानों द्वारा इस संबंध में जिला कलेक्टर दुर्ग एवं दुर्ग ग्रामीण विधायक माननीय श्री ललित चंद्राकर को ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें अवैधानिक रूप से किए जा रहे निर्माण कार्य पर तत्काल रोक लगाने की मांग की गई। ज्ञापन में कहा गया कि बिना राजस्व प्रक्रिया पूर्ण किए किसानों की भूमि में हस्तक्षेप करना संविधान के अनुच्छेद 300-A का उल्लंघन है।
किसानों ने आरोप लगाया कि न तो उन्हें निर्माण कार्य के तहत मिलने वाले मुआवजे की जानकारी दी गई है और न ही उनकी सहमति ली गई है। खेतों में अचानक टावर बेस निर्माण शुरू होने से फसलों को नुकसान, भूमि की स्थायी क्षति और ग्रामीण क्षेत्रों में तनाव की स्थिति बन रही है।
ज्ञापन में प्रशासन से मांग की गई कि मुआवजा निर्धारण, मौका मुआयना एवं किसानों को आपत्ति दर्ज करने का अवसर दिए बिना किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य न कराया जाए तथा नियमों का उल्लंघन करने वाली एजेंसी और जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कार्यवाही की जाए।
इस अवसर पर दुर्ग व धमधा क्षेत्र के प्रभावित किसानों में केशव देशमुख, देवेन्द्र कुमार, इन्द्रजीत साहू, भुवन लाल, विमल कुमार, गोवर्धन देशमुख, तोरण लाल, गौकरण, त्रिलोक साहू,बालाराम, प्रदीप साहू, दुर्ग जनपद सदस्य व किसान नेता ढालेश साहू एवं छत्तीसगढ़ प्रगतिशील किसान संगठन के नंदकुमार यादव, परमानंद,जिला अध्यक्ष उत्तम चंद्राकार, संयोजक राजकुमार गुप्त उपस्थित रहे।