* डबल इंजन” का विकास: सड़क नहीं, तो खाट ही सही! स्वास्थ्य मंत्री के गृह क्षेत्र में मरीज़ को ढो रहे ग्रामीण…
* छत्तीसगढ़ में सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (BJP) की ‘डबल इंजन’ की सरकार, विकास और सुशासन के बड़े-बड़े दावे धरातल में फूस????
मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर : छत्तीसगढ़ में सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (BJP) की ‘डबल इंजन’ की सरकार विकास और सुशासन के बड़े-बड़े दावे कर रही है, लेकिन मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (MCB) जिले की एक तस्वीर ने इन सभी दावों की पोल खोल दी है। जिला मुख्यालय से कुछ ही दूर, मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के विधानसभा क्षेत्र में स्थित ग्राम पंचायत नेवरी में सड़क नहीं होने के कारण, एक पीड़ित महिला को एंबुलेंस तक ले जाने के लिए ग्रामीणों को खाट का सहारा लेना पड़ा।

खाट पर बंधी ज़िंदगी: विकास की शर्मनाक हकीकत
खड़गवां तहसील के नेवरी गांव में बीमार महिला की हालत बिगड़ने पर तत्काल एंबुलेंस को बुलाया गया। लेकिन, गांव तक पहुंचने वाला रास्ता इतना जर्जर और दलदली था कि एंबुलेंस भीतर प्रवेश नहीं कर पाई। इसके बाद, ग्रामीणों को महिला को खाट पर रस्सी से बांधकर लगभग एक किलोमीटर तक पैदल, खराब और दुर्गम रास्ते से मुख्य सड़क तक ले जाना पड़ा, जहाँ से महिला को अस्पताल पहुंचाया जा सका।
ग्रामीणों के इस कृत्य ने एक बार फिर साबित कर दिया कि नेवरी जैसे गांवों में स्वास्थ्य सुविधाएं अभी भी भगवान भरोसे हैं। बीमार महिला को समय पर इलाज मिले, इसकी चिंता छोड़िए, यहां तो उसे अस्पताल तक ले जाने के लिए हर बार मौत से लड़ना पड़ता है। हमने कई बार रोड के लिए गुहार लगाई, लेकिन मंत्री जी (श्याम बिहारी जायसवाल) को शायद यह हाल नजर नहीं आता।
मंत्री जी का इलाका, विकास से दूर :

यह घटना इसलिए भी गंभीर है क्योंकि नेवरी गांव मनेंद्रगढ़ विधायक एवं प्रदेश के लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत आता है। जो मंत्री पूरे प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था की जिम्मेदारी संभालते हैं, उनके अपने क्षेत्र के ग्रामीण आज भी खाट पर मरीज़ ढोने को मजबूर हैं।
जनता सवाल कर रही है
स्वास्थ्य मंत्री होने के बावजूद, क्या उनके अपने इलाके में स्वास्थ्य सुविधाओं का यही हाल है?
‘डबल इंजन’ के विकास में सड़क बनाने की प्राथमिकता में नेवरी जैसे गांव सबसे पीछे क्यों हैं?
पोस्ट कोड़ा, तहसील खाड़गांव जैसे क्षेत्र, जो मंत्री जी के गृह ग्राम रतनपुर के निकट हैं, क्या वे भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित ही रहेंगे?
जनता का आक्रोश: अब सड़कों पर उतरने की तैयारी
ग्रामीणों में जनप्रतिनिधियों के प्रति गहरा आक्रोश है। उन्होंने कहा कि हर चुनाव में वादे किए जाते हैं, लेकिन सड़क निर्माण का काम कभी पूरा नहीं होता। खाट पर मरीज़ ले जाने की यह घटना केवल एक तस्वीर नहीं है, बल्कि उस व्यवस्था की विफलता का आईना है जहाँ इंसानी ज़िंदगी सड़कों से ज़्यादा सस्ती हो गई है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द से जल्द सड़क निर्माण शुरू नहीं हुआ, तो वे एकजुट होकर बड़ा विरोध प्रदर्शन करेंगे।
इस शर्मनाक घटना पर मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल और जिला प्रशासन को तत्काल एक्शन लेते हुए नेवरी गांव तक पक्की सड़क की व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए, ताकि भविष्य में किसी भी मरीज़ को खाट पर ‘एंबुलेंस’ की सवारी न करनी पड़े।




