विकास लाटा को निलंबित कर फंसते नजर आ रहे डीईओ बघेल

राजनांदगांव _ फर्जी दिव्यांगता का प्रमाण पत्र बनाकर विकास लाटा सरकारी नौकर कर रहे है इसकी सर्वप्रथम जानकारी छत्तीसगढ़ पैरेंट्स एसोसियेशन के प्रदेश अध्यक्ष क्रिष्टोफर पाॅल ने तत्कालिक जिला शिक्षा अधिकारी अभय जयसवाल को लिखित में दी थी, लेकिन उन्होने जांच नही कराया तो क्रिष्टोफर पाॅल के द्वारा इसकी लिखित शिकायत दुर्ग कमीश्नर से की गई, कमीश्नर दुर्ग ने राजनांदगांव कलेक्टर को जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का फरमान जारी किया तो तत्कालीन जिला शिक्षा अधिकारी अभय जयसवाल ने आनन फानन में जांच आरंभ कर विकास लाटा को नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने को कहा लेकिन विकास लाटा ने संतोषजनक जवाब और दस्तावेजी साक्ष्य समय सीमा के भीतर प्रस्तुत नही किया जो उसे दिनांक 02/08/2024 को निलंबित कर विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में संलग्न कर दिया गया।
जैसे भी वर्तमान में पदस्थ डीईओं प्रवास बघेल ने पद ग्रहण किया तो विकास लाटा को बिना कारण बताए दिनांक 24/04/2025 को बहाल कर दिया गया, लेकिन उसे मन पसंद बहाल नही किया गया था, उसे उनके मन पसंद जगह में पदस्थ कर आदेश में दिनांक 02/05/2025 को संशोधन कर दिया गया। यह सब प्रक्रिया वर्तमान में पदस्थ प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी प्रवास बघेल ने किया, वह भी पूरी जांच पड़ताल करने के पश्चात, फिर अब पुनः छत्तीसगढ़ दिव्यांग सेवा संघ की लिखित शिकायत पर विकास लाटा को पुनः आनन फानन में दिनांक 03/01/2026 को निलंबित कर दिया गया है।

 


हैरत की बात यह कि प्रवास बघेल ने ही स्वयं विकास लाटा को पूरी जांच पड़ताल के पश्चात् दो बार बहाली आदेश जारी किया था, जिसके पश्चात विकास लाटा पुलिस अधीक्षक कार्यालय जिला राजनांदगांव में लिखित शिकायत कर शिकायतकत्र्ता के विरूद्ध फर्जी शिकायत कर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया था और बताया गया था कि जिला शिक्षा अधिकारी ने उन्हे जांच पड़ताल कर बहाल कर दिया है।
अब वही डीईओ विकास लाटा को पुनः निलंबित कर देते है, जिन्हे दो बार बहाल कर बहाली आदेश जारी किया जा चूका है। क्या प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी प्रवास बघेल अब स्वयं फंसते नजर नही आ रहे है क्योंकि उन्होने ही पूर्व में विकास लाटा की जांच पड़ताल बहाली आदेश जारी किया था?

 

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