राजनांदगांव : छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन की प्रांतीय आह्वान पर 25 जुलाई से 29 जुलाई तक पांच दिवसीय 2 सूत्रीय मांग- केंद्रीय कर्मचारियों के समान 34% महंगाई भत्ता एवं सातवें वेतनमान के अनुरूप गृह भाड़ा भत्ता की मांगों के समर्थन में निश्चितकालीन हड़ताल किया गया था।
29 जुलाई को पांच दिवसीय आंदोलन के अंतिम दिवस छत्तीसगढ़ प्रदेश के कार्यरत कर्मचारी अधिकारियों की अपार उपस्थिति, जनसैलाब जो रैली की शक्ल में जिला स्तरीय धरना स्थल में दिखाई पड़ा . जिससे सरकार तिलमिला गई, कर्मचारी अधिकारियों की मांगों पर सरकार द्वारा प्रांतीय नेतृत्व से किसी प्रकार की संवाद स्थापित करने के बजाए 29 जुलाई को ही एक काला एवं दमनात्मक आदेश।
जिसमें 25 जुलाई से 29 जुलाई तक हड़ताल में शामिल कर्मचारी अधिकारियों की वेतन कटौती एवं ब्रेक इन सर्विस संबंधी आदेश प्रसारित कर दिया गया। शासन द्वारा जारी आदेश का केवल एक ही उद्देश्य है कर्मचारी अधिकारियों की एकजुटता एवं एकता को अस्थिर करना, किन्तु सरकार को समझना होगा कि छत्तीसगढ़ प्रदेश में कार्यरत कर्मचारी अधिकारियों की मौलिक अधिकारों का संघर्ष है।
किसी एक विभाग या किसी एक वर्ग की लड़ाई नहीं जिसे दमनात्मक आदेश से कर्मचारी अधिकारियों की एकता एवं अखंडता को अस्थिर कर दे। सरकार की मानसिकता कर्मचारी विरोधी है, अब प्रदेश के 5 लाख कर्मचारी-अधिकारी अपने मौलिक अधिकारों का सम्मान करते हुए विरोध प्रकट करेंगे !!
शासन जितनी संवेदनशीलता दमनात्मक आदेश प्रसारित करने में दिखाई उतनी संवेदनशीलता मांग पूरा करने में दिखाती तो छत्तीसगड़ के कर्मचारी-अधिकारी आमने-सामने नहीं होते,,शासन ने जो दमनात्मक आदेश प्रसारित किया है उससे फेडरेशन डरने वाला नहीं है बल्कि दोगुने ऊर्जा एवम ताकत के साथ डटे रहेंगे।
फेडरेशन के जिला महासचिव एवं सहसंयोजक ने कहा 15 अगस्त तक शासन हमारे मांग के संदर्भ में सकारात्मक निर्णय अगर नही लेती है तो अनिश्चितकालीन आंदोलन की जिम्मेदारी सरकार की होगी। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन की समस्त संगठन के पदाधिकारी उपस्थित थे। इसी कड़ी में आज शासन द्वारा जारी दमनात्मक आदेश की प्रतियां सभी ब्लाक मुख्यालय मैं सरकार के खिलाफ एवं अपनी मांगों के समर्थन में मुहिम को तेज किये।
आगामी 22 अगस्त को अनिश्चितकालीन हड़ताल के लिए कर्मचारियों में माहौल एवं वातावरण का संचार करते रहें जिससे 22 अगस्त को कर्मचारी अधिकारी पूरी ताकत के साथ अनिश्चितकालीन हड़ताल में शामिल हो सके।
“छत्तीसगढ़ 24 न्यूज़ के लिए राजनांदगांव से दीपक साहू




