* पुरेना प्राथमिक शाला में स्वच्छता सप्ताह, बच्चों ने लिया स्वच्छता का संकल्प…
* स्वच्छता सप्ताह में जल संरक्षण और पर्यावरण बचाने का दिया संदेश…
छुईखदान। शासकीय प्राथमिक शाला पुरेना, संकुल केंद्र घिरघोली, विकासखंड छुईखदान में सितंबर माह के विभिन्न कार्यक्रमों के तहत स्वच्छता सप्ताह का आयोजन किया जा रहा है। सप्ताह के प्रथम दिवस विद्यार्थियों को स्वच्छता की शपथ दिलाई गई।
वहीं दूसरे दिन जल संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण, वृक्षारोपण, सिंगल यूज पॉलीथिन के दुष्प्रभाव तथा घर-परिवार, विद्यालय एवं व्यक्तिगत जीवन से लेकर सामाजिक जीवन में स्वच्छता के महत्व की जानकारी दी गई।
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प्रधान पाठक तुलेश्वर कुमार सेन ने विद्यार्थियों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करते हुए स्वच्छ वातावरण के महत्व को विस्तार से समझाया और स्वच्छता का संकल्प दिलाया। कार्यक्रम में सहायक शिक्षक गोकुल राम वर्मा, रसोइया मान बाई, सुरजा बाई सहित छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान प्रधान पाठक तुलेश्वर कुमार सेन ने बच्चों से कमरछठ पर्व से जुड़े उनके पूर्व ज्ञान और अनुभवों के बारे में जानकारी ली तथा विभिन्न प्रश्न पूछे। इसके बाद उन्होंने बताया कि भादो माह की षष्ठी तिथि को हलषष्ठी यानी कमरछठ का पर्व मनाया जाता है।
इस दिन माताएं अपनी संतान की लंबी आयु और सुख-समृद्धि के लिए उपवास रखती हैं। उन्होंने छह प्रकार की लाई, छह प्रकार की भाजियों, सगरी पूजा, पसहर चावल तथा पारंपरिक पूजा सामग्री के महत्व की जानकारी दी।
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उन्होंने बताया कि कमरछठ पर्व प्रकृति के प्रति आभार व्यक्त करने की परंपरा से भी जुड़ा है। इस दिन सगरी बनाकर पूजा की जाती है तथा पारंपरिक रूप से भैंस के दूध, दही और घी का उपयोग किया जाता है।
महुआ की पत्ती और दातून सहित विभिन्न प्राकृतिक वस्तुओं का प्रयोग भी पर्व की विशेषता है। बच्चों को कमरछठ से जुड़ी पारंपरिक मान्यताओं, कहानियों और रीति-रिवाजों की जानकारी देते हुए प्रधान पाठक ने प्रकृति संरक्षण और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी का संदेश दिया।






