
धान खरीदी 2026-27 के लिए एग्रीस्टेक पंजीयन अनिवार्य, सह-खातेदारों का बकेट क्लेम भी जरूरी
दंतेवाड़ा । कलेक्टर श्री देवेश कुमार ध्रुव ने संयुक्त जिला कार्यालय के सभाकक्ष में एग्रीस्टेक एवं बकेट क्लेम के तहत किसानों के पंजीयन की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में सभी अनुविभागीय अधिकारियों, कृषि विभाग, सहकारिता विभाग, कृषि विस्तार अधिकारियों, भू-अभिलेख शाखा तथा समिति प्रबंधकों को किसानों का शत-प्रतिशत पंजीयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

कलेक्टर श्री ध्रुव ने स्पष्ट किया कि धान खरीदी वर्ष 2026-27 में धान बिक्री के लिए एकीकृत किसान पोर्टल पर पंजीयन तथा संयुक्त खातों में दर्ज सभी सह-खातेदारों का बकेट क्लेम एवं सहमति सत्यापन अनिवार्य होगा। उन्होंने लंबित बकेट क्लेम की संख्या पर नाराजगी व्यक्त करते हुए इसे प्राथमिकता से पूर्ण कराने के निर्देश दिए।

उन्होंने बताया कि जब किसी कृषि भूमि में एक से अधिक हिस्सेदार दर्ज होते हैं, तो उसे संयुक्त खाता कहा जाता है। ऐसे प्रत्येक हिस्सेदार के नाम से बकेट आईडी बनती है और उसे एग्रीस्टेक में पंजीकृत कराकर सहमति सत्यापन की प्रक्रिया पूरी करना बकेट क्लेम कहलाता है। संयुक्त खाते के सभी हिस्सेदारों का सत्यापन पूर्ण होने के बाद ही धान खरीदी की प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी।
विशेष शिविर लगाकर पंजीयन पूर्ण कराने के निर्देश
कलेक्टर ने अधिकारियों एवं समिति प्रबंधकों को निर्देशित किया कि लंबित पंजीयन एवं बकेट क्लेम को समय-सीमा में पूरा करने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष शिविर आयोजित किए जाएं। शिविरों में सह-खातेदारों का सत्यापन, ओटीपी के माध्यम से सहमति तथा पंजीयन की प्रक्रिया पूरी की जाए।
संस्थागत किसानों के लिए भी पंजीयन अनिवार्य
कलेक्टर श्री ध्रुव ने कहा कि पिछले वर्षों में संस्थागत पंजीयन वाले किसानों को दी गई विशेष छूट इस वर्ष समाप्त कर दी गई है। अब संस्थागत सहित सभी श्रेणी के किसानों का पोर्टल पर पंजीयन अनिवार्य है। बिना पंजीयन के किसान इस वर्ष धान विक्रय नहीं कर सकेंगे। उन्होंने समिति प्रबंधकों को सभी लंबित बकेट क्लेम तत्काल पूर्ण कराने के निर्देश दिए।
ओटीपी से घर बैठे सह-खातेदार दे सकेंगे सहमति
संयुक्त खाते में दर्ज सह-खातेदार यदि किसी अन्य शहर या स्थान पर रहते हैं, तो उनके लिए भौतिक रूप से उपस्थित होना आवश्यक नहीं होगा। उनके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर ओटीपी भेजकर ऑनलाइन सहमति प्राप्त की जा सकती है। कलेक्टर ने सभी सह-खातेदारों का सत्यापन अनिवार्य रूप से पूर्ण कराने के निर्देश दिए।
धान नहीं बेचने वाले किसानों से लिया जाएगा घोषणा पत्र
जो किसान अथवा संस्थागत खाताधारक इस वर्ष धान विक्रय नहीं करना चाहते हैं, उनसे लिखित घोषणा पत्र लिया जाएगा। घोषणा पत्र में यह स्पष्ट रहेगा कि संबंधित किसान ने स्वेच्छा से पंजीयन नहीं कराया है तथा भविष्य में धान विक्रय नहीं हो पाने की स्थिति में समिति की जिम्मेदारी नहीं होगी।
कलेक्टर ने लंबित बकेट क्लेम वाले किसानों को जारी नोटिस की विधिवत तामीली कराने के निर्देश भी दिए। तामीली रसीद में अधिकृत व्यक्ति का नाम, पद, हस्ताक्षर एवं तिथि स्पष्ट रूप से दर्ज करने को कहा गया, ताकि भविष्य में किसी प्रकार के विवाद या शिकायत की स्थिति न बने।
किसान अपना पंजीयन एवं बकेट क्लेम निकटतम प्राथमिक कृषि साख समिति, तहसील कार्यालय अथवा लोक सेवा केंद्र के माध्यम से करा सकते हैं। कलेक्टर ने किसानों से अपील की है कि वे समय-सीमा के भीतर अपना पंजीयन एवं सह-खातेदारों का सहमति सत्यापन पूर्ण करा लें, ताकि धान खरीदी के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो। बैठक में अपर कलेक्टर श्री राजेश पात्रे सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।








