मुकेरियां में स्वच्छता अभियान की खुली पोल
सरकार का स्वच्छता अभियान बना प्रचार, गलियों में गंदगी और जगह-जगह कूड़े के ढेर ने खोली व्यवस्था की पोल
मुकेरियां। पंजाब सरकार की ओर से स्वच्छता को लेकर लगातार अभियान चलाने और लोगों को साफ-सफाई का संदेश देने के दावों के बीच मुकेरियां शहर की जमीनी तस्वीर कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। शहर की कई गलियों और मोहल्लों में जगह-जगह गंदगी, कूड़े के ढेर और सफाई व्यवस्था की बदहाली नजर आ रही है।
एक तरफ स्वच्छता अभियान का जोरदार प्रचार किया जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ मुकेरियां की गलियां सवाल पूछ रही हैं—आखिर सफाई अभियान का असर जमीन पर कब दिखाई देगा?
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि शहर में नियमित रूप से कूड़ा उठाया जाए और नालियों तथा गलियों की सफाई सुनिश्चित की जाए तो गंदगी की समस्या काफी हद तक दूर हो सकती है। लेकिन कई स्थानों पर कूड़ा जमा रहने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और वातावरण भी प्रभावित हो रहा है।
मुकेरियां के सभी एमसी द्वारा स्वच्छता अभियान का प्रचार तो किया गया, लेकिन जनता ने अब शहर की वास्तविक तस्वीर सामने रखकर व्यवस्था की पोल खोल दी है। लोगों का सवाल है कि सिर्फ अभियान के पोस्टर, प्रचार और दावे करने से शहर स्वच्छ कैसे होगा? इसके लिए धरातल पर नियमित सफाई और कूड़ा उठाने की व्यवस्था जरूरी है।
जनता का सीधा सवाल “जब गलियों में कूड़े के ढेर लगे हैं, तो स्वच्छता अभियान आखिर कहां है?”
भारतीय मानवाधिकार महासंघ का कहना है कि स्वच्छ शहर केवल नारों और प्रचार से नहीं, बल्कि नियमित सफाई और जिम्मेदार व्यवस्था से बनता है। प्रशासन और नगर कौंसिल को चाहिए कि शहर के सभी वार्डों में सफाई व्यवस्था की निगरानी बढ़ाई जाए और जहां भी गंदगी है, वहां तत्काल सफाई करवाई जाए। अब देखना यह होगा कि मुकेरियां प्रशासन और नगर कौंस ?






