रानीतराई : भूपेश बघेल शासन काल में स्वीकृत मुख्यमंत्री आवास योजना को लागू करने की मांग को लेकर युवानेता युगल किशोर आडिल ने कहा की प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए पात्र हितग्राहियों का चयन वर्ष 2011 के सर्वे में किया गया था जिनको अब लगभग 12 वर्ष हो चुके है।
ऐसे में कई परिवारों की स्थिति परिस्थिति बदल चुकी है वर्ष 2011 में छुटे पक्के मकान के लिए पात्र हितग्राहियों का सर्वे तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कराया था जिसमे प्रदेश में लगभग 17 लाख से उपर हीतग्राही थे इन परिवारों के लिए पक्का मकान बनाने बजट में 100 करोड़ का प्रावधान रखा गया आवासहीन हितग्राहियों को प्रधम किस्त भी जारी कर दिया गया था।
लेकिन अब बचे हुए पात्र एक कमरा और दो कमरा वाले हितग्राहीयो के मन में दुविधा उत्पन्न हो रही है पक्के मकान का सपना अब धीरे धीरे टूटते नजर आ रहा है मुख्यमंत्री आवास योजना के लिए चयनित पात्र हितग्राही भाजपा सरकार की तरफ उम्मीद से देख रही है लेकिन सरकार इस विषय में कुछ बोल नहीं रहा है अभी सिर्फ आवास प्लस में जुड़े परिवारों का फार्म पंचायत के माध्यम से मंगाया गया है।
लेकिन अभी तक हितग्राहियों का पंजीयन प्रारंभ नही हुआ है हितग्राहियों के मन में ये बात घर कर रही है की कही आगामी लोकसभा चुनाव की वजह से सरकार फार्म भरवाकर बेवकूफ तो नही बना रही आडिल ने भाजपा शासन से मांग किया है की जिस तरह से आवास प्लस को स्वीकृति दी जा रही है उसी तरह मुख्यमंत्री आवास योजना को स्वीकृति प्रदान किया जाए जिससे पक्के मकान के लिए पात्र हितग्राहियों को लाभ मिल सके।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 2024 तक हर गरीब परिवार को पक्का मकान देने का वादा किया था लेकिन ये वादा टूटते नजर आ रहा आडिल ने कहा की अभी आवास स्वीकृत होने पर बारिश से पूर्व घर का निर्माण किया जा सकता है लेकिन सरकार की लेट लतीफी से हितग्राहियों के मन में पक्के मकान का सपना टूटते दिख रहा है।




