बिहार में शराबबंदी पर आर-पार, भा.ज.पा सहयोग मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष आशुतोष शर्मा ने सरकार को घेरा

 

 

बिहार में शराबबंदी पर आर-पार, भा.ज.पा सहयोग मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष आशुतोष शर्मा ने सरकार को घेर
बिहार में शराबबंदी कानून को लेकर सियासत फिर तेज हो गई है। राज्य में लागू शराबबंदी को लेकर जारी बहस के बीच भा.ज.पा सहयोग मंच ने सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। मंच के संस्थापक आशुतोष शर्मा ने शराबबंदी और दफेदार-चौकीदारों पर हुए लाठीचार्ज को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है।
शराबबंदी पर विपक्ष की दोहरी नीति पर सवाल
आशुतोष शर्मा ने कहा कि जब बिहार में वर्ष 2016 में शराबबंदी लागू की गई थी, तब सभी राजनीतिक दलों ने एकजुट होकर इसका समर्थन किया था। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि उस समय सर्वसम्मति थी, तो अब विरोध क्यों हो रहा है?
उन्होंने यह भी कहा कि जहां कहीं भी शराबबंदी कानून में गड़बड़ी या दुरुपयोग की शिकायतें मिल रही हैं, वहां प्रशासन कार्रवाई कर रहा है। ऐसी कार्रवाई को राजनीतिक नजरिये से देखना उचित नहीं है।
दफेदार-चौकीदारों पर लाठीचार्ज की निंदा
हाल ही में अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे दफेदार और चौकीदारों पर हुए लाठीचार्ज की आशुतोष शर्मा ने कड़े शब्दों में निंदा की। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण आंदोलन करना सबका अधिकार है।
प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज को उन्होंने दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि इससे सरकार की संवेदनशीलता पर सवाल खड़े होते हैं और संवाद के बजाय बल प्रयोग समाधान नहीं हो सकता।
मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की मांग
सूत्रों के अनुसार, आशुतोष शर्मा इस मामले में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को पत्र लिखेंगे और उनसे व्यक्तिगत मुलाकात का समय भी मांगेंगे।
बताया जा रहा है कि भा.ज.पा सहयोग मंच का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी मुख्यमंत्री से मिलकर शराबबंदी और लाठीचार्ज से जुड़े मुद्दों पर अपनी चिंताएं साझा करेगा।
राज्य की सियासत में यह मुद्दा आने वाले दिनों में और गरमा सकता है।

ताज़ा खबरे

Video News

"छत्तीसगढ़ 24 न्यूज़" के कंटेंट को कॉपी करना अपराध है। 

error: \"छत्तीसगढ़ 24 न्यूज़\" के कंटेंट को कॉपी करना अपराध है।