सुनहरे नग़मों ने बांधा समां, सांसद विजय बघेल ने भी सुरों से सजाई संगीतमय शाम
भिलाई। कला मंदिर, सिविक सेंटर भिलाई में रविवार 6 सितंबर को SNG द स्वीट मेलोडीज़ द्वारा “एक शाम सुनहरे नग़मों के नाम” संगीतमय कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। शास्त्रीय गरिमा, मधुर सुरों और सदाबहार गीतों से सजी इस संगीत संध्या ने उपस्थित संगीत प्रेमियों को पुराने सुनहरे दौर की यादों में सराबोर कर दिया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि दुर्ग लोकसभा सांसद विजय बघेल ने मां सरस्वती के तैलचित्र पर माल्यार्पण एवं पूजा-अर्चना कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। आयोजक के.आर. संतोष कुमार एवं SNG द स्वीट मेलोडीज़ की ओर से सांसद विजय बघेल का शाल, श्रीफल एवं स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मान किया गया।
संगीत संध्या में किशोर कुमार, मुकेश, मोहम्मद रफी, लता मंगेशकर, आशा भोसले, कुमार सानू, महेंद्र कपूर एवं हरिहरन जैसे महान गायकों के सदाबहार गीतों की शानदार प्रस्तुतियां दी गईं। कलाकारों की प्रस्तुतियों पर सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंजता रहा।
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कार्यक्रम का सबसे खास और यादगार पल तब आया, जब सांसद विजय बघेल ने स्वयं अपनी मधुर आवाज में “घुंघरू की तरह बजता ही रहा हूं मैं” गीत प्रस्तुत किया। उनकी गायकी ने उपस्थित श्रोताओं का दिल जीत लिया और पूरा सभागार तालियों से गूंज उठा।
अपने उद्बोधन में सांसद विजय बघेल ने कहा कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में हम इतने व्यस्त हो गए हैं कि अपने सुकून को ही भूल गए हैं। जब हम गीत-संगीत की ऐसी महफिल में आते हैं तो मन को फिर से सुकून मिलता है। उन्होंने कहा कि लगता है जैसे वक्त थोड़ा सा ठहर गया है और फिर से वही खूबसूरत महफिल सज गई है।
भिलाई की तुलना करते हुए उन्होंने कहा कि हमारे यहां ऐसे-ऐसे मोती हैं जो कोहिनूर से कम नहीं हैं। जिस तरह भिलाई इस्पात नगरी लोहे को तपाकर मजबूत इस्पात में बदलती है, उसी तरह गीत और संगीत से जुड़े कलाकार अपनी कला से दिलों को सुकून और संवेदनाओं को नई ऊर्जा देते हैं।
आयोजक के.आर. संतोष कुमार ने कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य पुराने सदाबहार गीतों एवं संगीत की समृद्ध विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाना है। कार्यक्रम ने संगीत प्रेमियों को स्वर्णिम दौर की यादों से जोड़ते हुए एक यादगार और भावपूर्ण शाम का अनुभव कराया।






